article 370

दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के रोड शो में आजादी के नारे लगे हैं। अमित शाह रविवार को दिल्ली के घोंडा विधानसभा में रोड शो कर रहे थे। इस दौरान वहां आजादी...

उच्चतम न्यायालय में अनुच्छेद 370 को हटाने के सरकार के फैसले के खिलाफ गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 मामले को बड़ी बेंच को सौंपने को चुनौती दी जाए या नहीं इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

अय्यर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के नेता विश्वासघाती, देशद्रोही और कायर हैं। उन्होंने कहा कि ये नेता खुद को जनता का प्रतिनिधि बताते हैं, यदि ऐसा होता तो वे कई सालों पहले चुने गए होते।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अश्विनी चौबे समेत कई अन्य मंत्री भी लोगों से बात करेंगे। रविवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी रिसाई के कटरा और पंथल का दौरा करेंगी। जबकि महेंद्रनाथ पांडेय जम्मू के दनसाल, अनुराग ठाकुर जम्मू के नगरोटा, पीयूष गोयल अखनूर, आरके सिंह डोडा के खेलानी जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर बड़ा बयान दिया है । उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने का इसलिए इतना इंतजार करना पड़ा, क्योंकि परमात्मा को भी यही मंजूर था कि नरेंद्र मोदी जैसा कोई महापुरुष धरती पर उतरे और ये पुण्य कार्य उनके हाथों से हो।

केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के बाद अब इसके सकारात्मक प्रभावों के बारे में लोगों को बताने के लिए एक नई पहल शुरू...

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस्लाम प्रचारक जाकिर नाइक...

अभी तो देश में CAA और NRC को लेकर बवाल थमा भी नहीं है, अब इसी बीच खबर आ रही है कि उत्तर प्रदेश राजश्री टंडन ओपन यूनिवर्सिटी (UPRTOU) नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और अनुच्छेद 370 (Article 370) पर तीन महीने का एक स्पेशल कोर्स करा रही है।

गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म कर उसे दो केंद्र शासित राज्यों में बांट दिया गया था जम्मू-कश्मीर और लद्दाख तब से घाटी में इंटरनेट बंद है, सिर्फ़ ब्रॉडबैंड से ही ईटरनेट सेवा चल रही है। सरकार ने लैंडलाइन फ़ोन और पोस्टपेड मोबाइल सेवा भी हाल में ही शुरू की है।

आर्टिकल 370 ( (Article 370)) के हटने के बाद अब जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदियों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) शुक्रवार को फैसला सुनाएगा। इन पाबंदियों में नेताओं के आने-जाने से लेकर इंटरनेट बैन समेत कई याचिकाएं शामिल हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म कर इसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था।