Article 370 and 35 A.

इस मामले में जम्मू कश्मीर प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि राज्य में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। यहां पहले तो आवाजाही पर कुछ पाबंदियां लगाई गयी थीं लेकिन अब इसमें ढील दी जा रही है। हालांकि, सुरक्षाबलों की तैनाती पहले की तरह ही है।

मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान की बेचैनी का ठिकाना ही नही रह गया। कश्मीर की शांति को भंग करने के लिए पाकिस्तान के आंतकी संगठन हर सम्भव प्रयास में लगे हुए हैं।

अब पाकिस्तान को फल और सब्जियों के अलावा आर्टिफिशन जूलरी, कॉस्मेटिक्स, साबुन, फेस वॉश जैसे सामान महंगे पड़ेंगे। दरअसल, जब ये सभी सामान भारत से आते थे तो 15 से 20 फीसदी तक सस्ते होते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने बाद से लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देते दिख रहे हैं। कोई भारत को एक संविधान में जुड़ने की खुशी जाहिर कर रहा है तो कोई कश्मीर में जमीन खरीदने की प्रतिक्रिया दे रहा है।

मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद पाकिस्तान ने भारत से होने वाले निर्यात पर पूरी तरह रोक लगा दी है। पाकिस्तान के उठाये गए इस कदम के बाद पाकिस्तानी जनता के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है।

ओर्टागस ने ये भी कहा कि भले ही यात्रा पूर्व निर्धारित हो मगर इसमें मौजूदा मुद्दों पर चर्चा होगी। ओर्टागस ने आगे यह भी बताया कि ‘‘वहां उप विदेश मंत्री जॉन जे सुलिवन भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे और भारत-अमेरिका फोरम को संबोधित करेंगे।’’

पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से आने वाली चीजों पर 200 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगाई है। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच कारोबार निचले स्तर पर थे। भारत ने हमले के बाद पाकिस्तान से आने वाली चीजों पर 200 पर्सेंट कस्टम ड्यूटी कर दी थी।

आय्यंगर को सन 47 तक सात उपाधियां प्रदान की गईं थीं जिनमें दीवान बहादुर की भी उपाधि शामिल थी। ये ब्रिटिश वायसराय द्वारा दी जाने वाली सर्वोच्च उपाधि थी। उन्हें आर्र्डर आफ इंडियन अम्पायर, आर्डर आफ स्टार आफ इंडिया की भी उपाधि मिली थी।

भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई ने शनिवार को दावा किया कि जम्मू और लद्दाख क्षेत्रों के लोग पार्टी को वोट देकर जल्द से जल्द संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को हटवाना चाहते हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि विधानसभा चुनावों के बाद अपने दम पर राज्य में सरकार बनाने का नेशनल कांफ्रेंस का दावा "खोखला" है।