banaras

काशी के बाहर रहने वाले लोग इस जगह पर आकर अपने अंतिम दिनों को बिताते हैं और यहां पर मोक्ष को प्राप्त करते हैं। आपको बता दें कि काशी को मोक्ष की नगरी भी कहा गया है। इस जगह पर देश -दुनिया के लोग यहां आकर अपने प्राण को त्यागना चाहते हैं।

अधिवक्ता ने परिवार में कहा कि बर्ड फ्लू की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन ने प्रवासी पक्षियों के दाना खिलाने पर रोक लगाई है। लेकिन शिखर धवन ने इस आदेश का उल्लंघन किया है। जिला प्रशासन ने शिखर धवन का चालान ना करके सिर्फ नाविक का चालान किया।

सियासतदानों और नौकरशाहों के बीच वैसे तो गजब की जुगलबंदी देखने को मिलती है लेकिन कई बार इनके बीच तनातनी और गर्मागर्मी की भी खबरें सामने आ ही जाती हैं। ऐसे ही ईगो के टकराव का एक ताज़ातरीन मामला रामनगर पालिका परिषद कार्यालय देखने को मिला जहां कैंट से बीजेपी सौरभ श्रीवास्तव एसडीएम सदर प्रमोद पांडेय के व्यवहार से बुरी तरह नाराज हो गए।

अपने अनूठे अल्हड़पन के लिए जग विख्यात काशी का पान तो मशहूर है ही लेकिन यहां की ठगी भी कुछ कम कुख्यात नहीं है। यहां पर ठगी का एक ऐसा ही सनसनीखेज़ मामला सामने आया है जहां ठगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर लोगों को लूट लिया।

लॉकडाउन में भले ही दुकानों पर ग्राहकों का टोटा हो लेकिन बनारस में मोमोज बेचने वाले अरविन्द के काउंटर पर पैर रखने की जगह है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वर्चुअल संवाद करने वाले अरविन्द की किस्मत चमक उठी है।

लबे सड़क पर मयखाना बनाने वाले चार रईसजादों का कप्तान अमित पाठक ने न सिर्फ इलाज किया बल्कि इसके लिए जिम्मेदार नदेसर चौकी प्रभारी अशोक कुमार व नगर निगम चौकी प्रभारी रामनरेश यादव को लाइन हाजिर भी कर दिया। लिहाजा, कप्तान के इस कार्यवाई से पूरे शहर के पियक्कड़ों के साथ ही पुलिस महकमें में हड़कम्प मचा हुआ है। 

राज्यपाल की हरी झंडी मिलने के साथ ही मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के नाम बदलने का सिलसिला शुरु हो गया है। अधिसूचना की कॉपी मिलते ही रेलवे के कर्मचारियों ने स्टेशन पर लगे नेम बोर्ड को हटा दिया।

सोनू द्वारा भेजी गई राहत सामग्री को राजघाट, दशाश्वमेध और शिवाला घाट पर 220 नाविकों के बीच वितरण कराया गया। राजघाट पर गोविंद साहनी व धीरज ने 70 जरूरतमंदों के बीच राहत सामग्री के पैकेट वितरित किये।

बनारस जिसे बेनारस या वाराणसी के नाम से भी जाना जाता है। गंगा नदी के पश्चिमी तट पर उत्‍तर प्रदेश राज्‍य में स्थित है और इसे दुनिया के लगातार बसे हुए सबसे पुराने शहरों में से एक माना जाता है।

सरोज नामक महिला पिछले 1 माह पूर्व गोवा में अपने पति की मृत्यु के बाद किसी तरह अपने मायके बनारस जाने के लिए भटकते हुए ग्वालियर पहुंची। वहां पर इसकी सूचना उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य कुंवर मुकुट सिंह को मिली...