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मोदी सरकार के लाए गए कृषि बिल का देशभर में विरोध हो रहा है। इस बिल का किसानों के साथ विपक्षी दल भी विरोध कर रहे हैं। अब इस बीच बीजेपी की 22 साल पुरानी सहयोगी पार्टी अकाली दल ने बड़ा झटका दिया है।

कृषि बिल का विरोध कर रहे अन्न दाताओं ने आज भारत बंद का आह्वाहन किया है। भारतीय किसान यूनियन समेत विभिन्न किसान संगठनों ने आज देशभर में चक्का जाम किया है।

कृषि विधेयकों के संसद से पारित होने के बाद विपक्षी बलों का विरोध अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की चौखट तक पहुंच गया है। शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर इन कृषि बिलों को मंजूरी न देने का अनुरोध किया है।

राज्यसभा में कल यानी रविवार को भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच कृषि सुधार से जुड़े दो विधेयकों को ध्वनिमत से मंजूरी मिल गई। कृषि बिल को लेकर संसद से सड़क तक अब भी संग्राम जारी है। इन सब के बीच विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने का समय मांगा है।

संसद के मॉनसून सत्र का आज आठवां दिन है। राज्यसभा में कृषि विधेयक पास होने के बाद काफी हंगामा हुआ था। सभापति ने हंगामा करने वाले सांसदों को निलंबित कर दिया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य सभा में कृषि विधेयक पर जो कुछ हुआ उसे दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि कृषि के ये दोनों विधेयक किसानों के लिए ऐतिहासिक हैं।

मऊ जिले के अंतर्गत कसारा,सेमरी,सहरोज,रैनी,अस्तपुरा,अहलदादपुर सहित दर्जन भर गाँवों में युवा चेतना ने कृषि बिल-2020 से किसानों को हो रहे नुक़सान से अवगत कराया।

टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने उपसभापति के सामने रूल बुक फाड़ दी।डेरेक ओ ब्रायन और तृणमूल कांग्रेस के बाकी सांसदों ने आसन के पास जाकर रूल बुक दिखाने की कोशिश की और उसको फाड़ा।

भाजपा की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल लोकसभा में पेश हुए किसान संबंधी अध्यादेश का विरोध कर रही है। इसे लेकर बड़ा एलान किया गया।