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परिणाम स्वरूप मनुष्य के भीतर इन नव-रात्रियों में नव-निर्माण का आध्यात्मिक कार्य गतिशील होता है। वैदिक सूत्रम विज्ञान के अनुसार यह सृष्टि एक चक्रीय-धारा में चल रही है, किसी सीधी रेखा में नहीं।

अपने देश में कहते हैं कि मकर संक्रांति के दिन ही भगीरथ के आग्रह और तप से प्रभाव‍ित होकर गंगा उनके पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम पहुंची और वहां से होते हुए वह समुद्र में जा मिली थीं।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मानें तो मकर संक्रांति के समय नदियों में वाष्पन क्रिया होती है। इससे तमाम तरह के रोग दूर हो सकते हैं। इसलिए इस दिन नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है। लेकिन इस कोरोना काल में हमें घर में ही पानी में तिल डालकर स्नान करना चाहिए।

गुरुवार को ब्रह्ममुहुर्त में गोरक्षपीठाधीश्वर ने मकर संक्रांति पर परंपरागत पूजन अर्चन किया। इसके बाद गोरक्षपीठ एवं नेपाल नरेश की ओर से खिचड़ी चढ़ाई गई।

पोंगल इसलिए कहते हैं, क्योंकि इस दिन लोग भगवान सूर्यदेव को जो प्रसाद अर्पित करते है, तमिलनाडु में उसे पोंगल कहते हैं। तमिल भाषा में पोंगल का अर्थ है: अच्छी तरह से उबालना और सूर्य देवता को भोग लगाना।

लोहड़ी के जश्न में तिल और गुड़ की खुशबू सर्दियों के मौसम को और मजेदार बना देती है। मकर संक्रांति और लोहड़ी, दोनों ही त्योहारों में तिल और गुड़ की बर्फी या लड्डू बनाई जाती है। तिल गुड़ की बर्फी का स्वाद सभी को बेहद पसंद होता है।

त्योहारों के लिए जितना लोगों में एक्साइटमेंट देखने को मिलती है, उतनी ही कन्फ्यूजन भी और ये Confusion होता है अपनी ड्रेस और लुक को लेकर। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप कैसे परफेक्ट लुक पा सकते हैं।

जिला प्रशासन को यह तय करना होगा कि किस किस घाट पर कितने लोग होंगे कोविड-19 तैयार करना होगा। जांच के बाद ही घाट तक जाने की अनुमति दी जाएगी।

इस्लाम धर्म के प्रर्वतक पैगम्बर मोहम्मद साहब के जन्मदिन को ईद मिलादुन्नवी के रुप में मनाया गया। आज सुबह से ही मुस्लिम जन नये परिधानों में निकले, कई स्थानों पर गरीब मुहताजों को वस्त्र वितरण किए गए, उन्हें खाना खिलाया गया और फलों का वितरण भी किया गया।

धार्मिक स्थलों एवं भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी के माध्यम से मास्क न पहनने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।