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कई दिनों बाद मस्ती में झूमते हुए बंदरों की सेना नजर आई। ऐसा लग रहा था कि शायद लॉकडाउन खुल गया हो और बंदरों को खुली आजादी मिल गयी हो।

अलग-अलग जगहों पर होने वाले इन फेस्टिवल्स में शामिल होकर उस जगह, वहां की संस्कृति, खानपान और भी कई दूसरी चीज़ों से रूबरू होने का मौका मिलता है। क्योंकि जुलाई माह से मानसून की शुरुआत होती है।ऐसे में सुहावना मौसम इन फेस्टिवल की रौनक को दोगुना करता है।

मुंबई: रियलिटी शो ‘बिग बॉस 12’ में आए दिन घरवाले कई हंगामे कर रहे हैं। वहीं शो को शुरू हुए भी दो महीने हो गए हैं। बीते एपिसोड के आखिर में आपने देखा कि रोहित सुचांती श्रीसंत के नाम का मजाक उड़ाते हैं। जिसके बाद वह बेहद नाराज हो गए। उन्होंने रोहित सुचांती को मारने …

मुंबई: बिग बॉस 12 के घर में कंटेस्टेंट्स द्वारा एक- दूसरे की खिंचाई करना आम बात है। लेकिन मीम बनाकर इसका मजाक उड़ाना कम ही देखने को मिलता है। हाल ही में एक एपिसोड में दीपक करणवीर के बारे में कही बात को लोग आजमाने लगे। दरअसल, करणवीर बिग बाॅस के घर में  ऐसे कंटेस्टेंट …

लखनऊ: दिसंबर का महीना आते ही लोगों की आंखों में क्रिसमस की चमक दिखने लगती है। लोग महीने की शुरुआत से ही क्रिसमस की तैयारियों में जुट जाते हैं। अब जब क्रिसमस के किए समय कम बचा है, तो इसकी रौनक मार्केट्स में कुछ और ही है। नवाबों के शहर लखनऊ में तो क्रिसमस के …

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने 500 और 1000 के नोट क्या बंद किए कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को भारतीय स्टेट बैंक की एक शाखा में चार एसपीजी के साथ चार हजार रूपए एक्सचेंज कराने पहुंच गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का जमकर मजाक हो रहा है। कोई कह रहा है …

इलाहाबादः  संगम नगरी में यूपी चुनाव की रणनीति तैयार करने जा रही बीजेपी की दो दिवसीय बैठक से एक दिन पहले कांग्रेसी नेताओं ने विवादित पोस्‍टर जारी किया है। पोस्‍टर में पीएम मोदी पर निशाना साधा गया है। इसमे ऊपर पीएम मोदी की और नीचे कांग्रेस के जिला महासचिव हसीब अहमद और जिला महासचिव श्रीश …

लखनऊ: आम का नाम सुनते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है। इसके बारे में सोचकर ही मानो आम की मिठास मुंह में घुलने लगती है। जब आम के नाम से ही मन में इतना लालच आता है, तो जरा एक बार यह सोचकर देखिए कि उस पार्टी का नजारा कितना ज्‍यादा …

लखनऊ: स्‍कूल लाइफ में मस्‍ती करना किसे अच्‍छा नहीं लगता। दोस्‍तों का साथ हो और मस्‍ती न की जाए, तो मानो बच्‍चों का पेट नहीं भरता। कभी टीचर का लेक्‍चर बोरिंग लग रहा हो, तो बस शुरू हो जाते हैं कॉपी के पीछे अपनी कलम की कारीगरी दिखाना। लेकिन मस्‍ती और बकलोली में बड़ा अंतर …