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हसन नसरल्ला ने इंटरव्यू में कहा कि आतंकवादी संगठन हिजबुल्ला अब इजरायल में कहीं भी हमला कर सकता है। इसके साथ कहा कि फलस्तीनी क्षेत्रों को भी कब्जा कर सकता है।

बुधवार को बालासोर में ओडिशा तट से एक नई मिसाइल का परीक्षण हुआ। रक्षा क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के मुताबिक़, इस मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है।

युद्ध की बनती स्थितियों को देखते हुए सभी देश अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं। ऐसे में धरती की सबसे तेज उड़ने वाली मिसाइल का रूस ने सफल परीक्षण किया है। हालाकिं इसका उद्देश्य अमेरिका को डराना है।

ईरान ने इजरायल और अमेरिका को खबर ना लगे इसके लिए अपने मिसाइल बेस को जमीन के अंदर बना रखा है। ईरान की सरकारी मीडिया ने कुछ समय पहले ही नए भूमिगत मिसाइल बेस की तस्वीरें दुनिया को दिखाई थी।

भारत किसी भी कीमत पर अब चीन की बात मानने को तैयार नहीं है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पहले ही ये बात कह चुके हैं कि चीन को अपनी सेना को पीछे लेना होगा। सीमा पर से भारत की सेना अभी पीछे नहीं जाने वाली है।

शुक्रवार को आईएनएस(INS) कोरा से एंटी शिप मिसाइल (AShM) को दागा गया। इस मिसाइल का बंगाल की खाड़ी में प्रशिक्षण किया गया है। इस सफल परीक्षण से सेना को बड़ी कामयाबी मिली है।

ग्‍लोबल टाइम्‍स ने इस युद्धाभ्‍यास का एक वीडियो भी जारी किया है। इस विडियो में देख सकती है चीनी सेना अंधेरे में ड्रोन विमानों की सहायता से से हमला करती है। वीडियो में दिखाया गया है कि चीनी सेना की रॉकेट फोर्स एक साथ जोरदार हमले करती है और एक पूरे पहाड़ी इलाके को तबाह कर देती है।

चीन को अब इन दिनों ताइवान द्वारा आक्रमण का डर सता रहा है। ऐसे में चीन की सत्ताधारी पार्टी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी अपनी सैन्य क्षमता को मजबूत करने के लिए अपने मिसाइल बेस को अपग्रेड करने में लगी हुई गई है।

दक्षिणी चीन सागर में ताइवान और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अब चीन को डर सता रहा है कि अमेरिका मिसाइल से हमला कर सकता है।

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी दो स्थानों पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सुविधाएं विकसित करने की कोशिश में जुटी हुई है।