mohan bhagwat

RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने श्रमिकों को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों को प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार उपलब्ध कराने और किसान के अंदर आत्मनिर्भरता का भाव जागृत करने के लिए काम करना चाहिए।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सर संघ चालक मोहन मधुकरराव भागवत आज अपना 70वां जन्मदिन मना रहे हैं। बता दें कि भागवत परिवार का RSS से तीन पीढ़ी पुराना नाता है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर्वोच्च प्रमुख श्री मोहन भागवत ने तीन राष्ट्रीय मुद्दों पर बहुत ही तर्कसंगत विचार प्रस्तुत किए हैं।

कानपुर पहुंचे दो दिवसीय प्रवास के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ पदाधिकारियों की कोविड प्रोटोकॉल के तहत बैठक का दौर शुरू हो गया है।

स्वदेशी का मतलब हर विदेशी सामान का बहिष्कार नहीं है। केवल उन्हीं प्रौद्योगिकियों या सामग्रियों का आयात किया जा सकता है, जिनका देश में पारंपरिक रूप से अभाव है या जो स्थानीय रूप से उपलब्ध नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि सबको लेकर आगे चलने की जो विधि भारत की है उसका ये अधिष्ठान है। भारत के नए निर्माण की शुरुआत हो रही है।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने CAA पर दिल्ली समेत पूरे भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शन और हालिया दिल्ली हिंसा के मामले में बयान जारी किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत अपने किसी न किसी बयान की वजह से शुर्खियों में बने रहते हैं। अब एक बार फिर उन्होंने राष्ट्रवाद के मसले पर बड़ा बयान दिया है।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत अपने बयान के कारण सुर्खियों में हैं। मोहन भागवत ने रविवार को कहा है कि इन दिनों तलाक के अधिक मामले शिक्षित और संपन्न परिवारों में सामने आ रहे हैं क्योंकि शिक्षा और संपन्नता अंहकार को पैदा कर रही है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि भारत महज एक भौगोलिक भूमि का टुकड़ा नहीं है, बल्कि ये एक ‘स्वभाव (चरित्र/मिजाज)’ है।