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ग्लोबल टाइम्स में ऐसे दावे किये जा रहे हैं कि दक्षिण पश्चिम चीन के तिब्बत क्षेत्र में तैनात चीनी सैनिक अब आयरन मैन बनकर अपने देश की सुरक्षा करेंगे।

चीनी सेना ने बंदी सैनिक को लेकर जानकारी दी थी कि ये जवान कुछ चरवाहों को रास्ता बताने के चक्कर में खुद ही गलती से LAC पार कर भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया था।

ग्‍लोबल टाइम्‍स ने इस युद्धाभ्‍यास का एक वीडियो भी जारी किया है। इस विडियो में देख सकती है चीनी सेना अंधेरे में ड्रोन विमानों की सहायता से से हमला करती है। वीडियो में दिखाया गया है कि चीनी सेना की रॉकेट फोर्स एक साथ जोरदार हमले करती है और एक पूरे पहाड़ी इलाके को तबाह कर देती है।

लद्दाख में भारत -चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई तो सीमा पर जवानों की तैनाती तो बढ़ाई ही गयी, साथ ही वायु सेना ने भी मोर्चा संभालते हुए लेह में युद्धक हेलीकॉप्टरों की तैनाती की।

चीन ने साल 2017 के बाद कुल 13 मिलिट्री पॉजिशन का निर्माण शुरू कर दिया था। जिसमें तीन एयर बेस, पांच डिफेंस पॉजिशन और पांच हेलिपोर्ट का निर्माण शामिल है।

पूर्वी लद्दाख में भारत के साथ जारी तनाव के बीच चीन अपने कब्जे वाले अक्‍साई च‍िन इलाके में किलर म‍िसाइलें तैनात कर रहा है। वार्ता बेनतीजा रहने के बाद चीनी सेना अब बड़े पैमाने में घातक हथियार तैनात करने में जुट गई है।

मात्र 20 दिन में भारत के जवानों ने एक -एक कर लद्दाख की 6 नई पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया। ये सभी पहाड़ियां लद्दाख में काफी अहम हैं।

पूर्वी लद्दाख में सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर बना हुआ है। बीते तीन हफ्तों के अंदर भारतीय सैनिकों ने चीन को पटखनी देते हुए एलएसी पर छह नए प्रमुख पहाड़ी ठिकानों पर अपना कब्जा कर लिया है।

लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा तनाव चल रहा है। तीन महीने बाद चीन ने पहली बार माना कि गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में उसके सैनिकों की भी मौत हुई थी।

डेप्सांग मैदान का इलाका भारत के लिए बेहद जरूरी इलाका है। डेप्सांग कूटनीतिक तौर पर भारत के लिए काफी ज्यादा अहम माना जाता है। यह भारत के लिए दौलत बेग ओल्डी एयरस्ट्रिप के साथ काराकोरम पर्वतीय क्षेत्र में जाने के लिए अहम है।