UP MLA

अल्का राय ने विधायक निधि के बारे में बताया की सरकार द्वारा दिया गया विधायक निधि क्षेत्र में लगाने के लिए एक धनराशि है। उन्होंने कहा जनता की जैसे सेवा हो सके चाहे स्कूल हो, अस्पताल हो, सड़क हो या खड़ंजा हो विधायक निधि खर्च करनी चाहिए। यह जनता की निधि है।

मैं कहना चाहूंगा कि निचले स्तर पर अगर ज़िला पंचायत ओर क्षेत्र पंचायत में भ्रष्टाचार है तो ये चुनाव सीधे जनता से ही करा दिये जाएं ताकि भ्रष्टाचार खत्म हो जाये। ताकि भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा के तहत चुनकर आने वाला निर्भीक हो कर अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करें।

वह कहते हैं कि बचपन से ही वह मेधावी, अनुशासित तथा चरित्रवान छात्र रहे हैं। समाज को अपने साथ लेकर निरंतर आगे बढ़ते हुए अपने पिता स्वर्गीय मथुरा प्रसाद पाल के नक्शे कदम पर चलते हुए ‘सबका साथ सबका विकास’ के संकल्प को पूरा करने के लिए अत्यधिक उत्साहित हैं।

गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ महाराज की प्रेरणा से योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश पर मैं डुमरियागंज विधानसभा में चुनाव लड़ने आया। सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

विधायक राहुल प्रकाश कोल ने कहाकि लोगों की सोच गलत है। उन्होंने कहा जो प्रत्याशी जनता के बीच में रहता है, जनता की सेवा करता है। उसके चुनाव में धनबल और बाहुबल काम नहीं आएगा। जनता के साथ किया गया संघर्ष ही चुनाव के दौरान काम आता है।

विधायक बावन सिंह का कहना है कि जनता की सेवा ही मेरी जिंदगी है। लोगों ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उनका विश्वास कभी टूटने नहीं दूंगा। क्षेत्र के विकास के लिए जो भी संभव होगा उसे पूरा करेंगे।

अधिकारियों पर हनक धमक दिखाना मेरी फितरत में नहीं है। सभी से प्यार से बात करता हूं, अच्छा व्यवहार करता हूं तो ज्यादातर काम हो ही जाते हैं। जो नहीं काम करते हैं उनकी शिकायत शासन में कभी की है, इस पर वो कहते हैं कि ऐसी जरूरत नहीं पड़ी। वैसे भी अगर शिकायत करेंगे भी तो कोई परिणाम नहीं निकलेगा।

कैलाश सोनकर भले ही मौजूदा वक्त में सुभासपा से विधायक हों लेकिन राजनीति की शुरुआत उन्होंने बीजेपी से ही की है। वो दौर था 1990 का, जब पूरे देश में राम नाम की लहर थी। लालकृष्ण आडवाणी की अगुवाई में बीजेपी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन छेड़ रखा था।

गरीब तबके के वनराजा, नट, कंकाली, धर कार जैसे समाज के छोटे तबके के लोगों को चिन्हित कर जिन्हें सर्वाधिक जरूरतमंद समझा उनके लिए अपने बरईपारा स्थित आवास पर अन्नपूर्णा राहत पैकेज का निर्माण करा कर लोगों को बांटने का काम कराया है।

दल - बदल की राजनीति पर विधायक ने बहुत शालीनता से जवाब देते हुए कहा, " अरे भईया, जब हम सत्ता से सालों दूर रहे तब दल बदलने का थोड़ा सा भी ख्याल नहीं आया तो अब क्या आएगा, इसी कमल के फूल में लिपटकर श्मशान घाट पहुंच जाएं यही हमारी हार्दिक इच्छा है क्योंकि बीजेपी हमारे लिए तो भगवान के समान है।"