पर्यटन

भारत देश में घूमने के लिए बहुत सारे ऐसे भव्य मंदिर और स्थल मौजूद है जहां आपको घूमने में बहुत आनंद मिलता है।

जब साथ बेहतर हो तो सफ़र का मजा बढ़ जाता हैं । खासकर दोस्तों के साथ खुलकर एन्जॉय किया जा सकता हैं। सभी चाहते हैं कि अपने दोस्तों के साथ एक लम्बे सफ़र पर जाया जाए। लेकिन इसके लिए कई बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती हैं। क्योंकि जरूरी नहीं  पूरा ग्रुप एक ही राय से सहमत हो।

यहां हम आपको दुनिया के कुछ ऐसे रोमांचक चीजों के बारे में बताने जा रहे है जिसको देख कर आपके होश उड़ जायेंगे। दरअसल, दुनिया में सबसे लम्बा और बड़ा कांच के बना पूल, बिल्डिंग और ब्रिज मौजूद हैं जिन पर चलना हर किसी के लिए आसान नहीं है।

मनाली -कुल्लू मनाली चारों ओर हरे-भरे वन तथा हिमाच्छादित पहाड़ों की चोटियाँ हैं। यहाँ प्राकृतिक दृश्य मनमोहन है। मनाली हनीमून के लिए सबसे उपयुक्त डेस्टिनेशंस में से एक है।यहां पर खूबसूरत फूलों के बगीचे है जो आप का मन मोह लेंगे|

राजस्थान घूमने का सबसे अच्छा समय नवंबर से फरवरी होता है। इसके अलावा यहां किले, महल, कठपुलती डांस, बाजार और लाजवाब खानपान जैसी कई अनगिनत चीज़ें हैं जो आपके ट्रिप को यादगार बनाने में मदद कर सकता है । तो क्यों न इस बारआप राजस्थान घूमने का प्लान बनाएं।

हमारा देश प्रायद्वीप है इससे सब ज्ञात है। तो ये भी पता होगा कि यहां की हर जगह में गजब की कशिश है जोअपनी तरफ आकर्षित करते हैं। घूमने के लिए देश के किसी भ कोने में चले  जाएं कुछ अलग और नया आपको मिलेगा ही। प्राकृतिक सौंदर्य छंटा सबको आकर्षिक करती है

हमारा देश विविध संस्कृतियों से भरा हुआ देश है। यहां कई ऐसे पर्यटन स्थल मौजूद हैं जहां जाकर आप भारत की विविधता को करीब से देख सकते हैं। भारत का एक समृद्ध इतिहास रहा है जिसकी झलक आप आज भी कई जगहों पर देख सकते हैं।

यहां पर घरो से निकलने वाले कचरे को लोग बांस से बने डस्टबिन में इकट्ठा करके उन्हे खेती के लिए खाद के रूप में इस्तेमाल करते है। तथा इसके लिए गांव में जगह-जगह इन बांस के डस्टबिन को भी लगाया गया है,ताकि गांव में गंदगी न फैल पाएं।

पंजाब  के कपूरथला को पेरिस कहा जाता है। क्योंकि यहां पर उत्कृष्ट वास्तुशिल्प के उदाहरण मौजूद हैं। पंजाब के पेरिस के रूप में प्रसिद्ध इस शहर की वास्तुकला में इंडो-सारसेन और फ्रांसीसी शैली की झलक मिलती है। जैसलमेर के भाटी राजपूत कबीले द्वारा 11वीं शताब्दी में स्थापित इस शहर पर कभी महान अहलूवालिया राजवंश का शासन था।

यह शहर शांतिपूर्ण तरीके से जीवन व्यतीत कर रहा है। सन 2000 में एपीजे अब्दुल कलाम ने शहर का दौरा किया और उन्होंने दौरे के उपरांत कहा मानव जाति के सुंदर भविष्य के लिए इस तरह के प्रयास का समर्थन करना भारत का कर्तव्य है।