Top
TRENDING TAGS :Coronavirusvaccination

सैकड़ों की मौत! इराक में हालात बेकाबू, सरकार के इस्तीफे की मांग

 इस बीच प्रधानमंत्री मेहदी अपने कठोर रुख पर कायम हैं। उन्होंने शुक्रवार को सुरक्षाबलों की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रदर्शनकारियों से निपट रहे हैं जबकि UN और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने इराक

Harsh Pandey

Harsh PandeyBy Harsh Pandey

Published on 5 Oct 2019 4:52 AM GMT

सैकड़ों की मौत! इराक में हालात बेकाबू, सरकार के इस्तीफे की मांग
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

यह भी पढ़ें. झुमका गिरा रे…. सुलझेगी कड़ी या बन जायेगी पहेली?

बगदाद: इराक में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ लगातार हिंसक विरोध-प्रदर्शन जारी है। बड़ी खबर आ रही है कि इस हिंसक विरोध-प्रदर्शन में करीब सैकड़ो की मौत हो चुकी है।

वहीं, इराक में फैली अशांति के बीच फायरब्रांड नेता मौलाना मुक्तदा अल सद्र ने सरकार से इस्तीफा देने की मांग तक कर दी है।

यह भी पढ़ें. लड़की का प्यार! सुधरना है तो लड़के फालो करें ये फार्मूला

मानवाधिकार आयोग ने कहा...

इराकी मानवाधिकार आयोग ने शुक्रवार को बताया कि बगदाद और अन्य शहरों में पिछले 4 दिनों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में अब तक कम से कम 5 दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इनमें बगदाद के एक ही अस्पताल में 18 लोगों की मौत भी शामिल है। इसके अलावा 1600 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

यह भी पढ़ें. असल मर्द हो या नहीं! ये 10 तरीके देंगे आपके सारे सवालों के सही जवाब

सरकार को देना होगा इस्तीफा...

यह भी पढ़ें. बेस्ट फ्रेंड बनेगी गर्लफ्रेंड! आज ही आजमाइये ये टिप्स

मुक्तदा अल सद्र ने एक बयान में कहा कि और अधिक मौतों से बचने के लिए सरकार को इस्तीफा देना चाहिये और संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में मध्यावधि चुनाव कराए जाने चाहिए।

इस मसले पर उन्होंने कहा कि इराक के लोगों का खून बह रहा है और वह चुप नहीं रह सकते। गौरतलब है कि संसद में पूर्व शिया मिलिशिया नेता मुक्तदा अल सद्र के दल के सबसे अधिक सदस्य हैं।

यह भी पढ़ें: लड़कियों को पसंद ये! बताती नहीं पर हमेशा ही खोजती हैं ये चीजें

बताया जा रहा है कि सद्र बयान ने प्रधानमंत्री अदेल अब्देल मेहदी पर दबाव बना दिया है जो अशांति को दूर करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

इससे पहले शुक्रवार को शीर्ष आध्यात्मिक नेता अयातुल्ला अली सिस्तानी ने भी विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया और सरकार से उनकी मांगों पर गौर करने को कहा है।

पीएम अदेल अब्देल मेहदी पर बढ़ा दबाव...

यह भी पढ़ें. होंठों की लाल लिपिस्टिक! लड़कियों के लिए है इतनी खास

बताते चलें कि इराक की बहुसंख्यक शिया आबादी में सम्मानित सिस्तानी के समर्थन से प्रदर्शनकारियों में जश्न का महौल है, जिसका प्रदर्शन उन्होंने हर्ष फायरिंग कर किया, इसके साथ ही तीव्र हो रहे प्रदर्शनों को काबू करने की चुनौती का सामना कर रहे प्रधानमंत्री अदेल अब्देल मेहदी पर और दबाव बढ़ गया है।

सिस्तानी ने सरकार से कहा कि लोगों की शिकायतों और प्रदर्शनों को और बढ़ने से रोकने के लिए सरकार को अब कदम उठाने की जरूरत है, इस संकट के समाधान के लिए स्पष्ट एवं व्यावहारिक कदम उठाने की जरूरत है, नहीं तो प्रदर्शनकारी और मजबूत होकर लौटेंगे।

सुरक्षाबलों की कार्रवाई का बचाव...

इस बीच प्रधानमंत्री मेहदी अपने कठोर रुख पर कायम हैं। उन्होंने शुक्रवार को सुरक्षाबलों की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रदर्शनकारियों से निपट रहे हैं जबकि UN और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने इराक सरकार और सुरक्षा बलों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का सम्मान करने को कहा।

यह भी पढ़ें. ओह तेरी! पत्नी कहेगी पति से, बिस्तर पर ‘ना बाबा ना’

इसके साथ ही सिस्तानी के इस रुख को मेहदी सरकार के लिए झटका माना जा रहा है क्योंकि इराक में राजनीतिक संकट के दौरान शीर्ष शिया नेता लगातार अंतिम मध्यस्थ की भूमिका निभाते रहे हैं।

गौरतलब है कि इराक में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ लगातार हिंसक विरोध-प्रदर्शन जारी है। बड़ी खबर आ रही है कि इस हिंसक विरोध-प्रदर्शन में करीब सैकड़ो की मौत हो चुकी है।

Harsh Pandey

Harsh Pandey

Next Story