सावधान पत्ते गोभी का सेवन करने वाले, दिमाग में घुस जाएगा ये कीड़ा

विशेषज्ञों के अनुसार, बंदगोभी और पत्ता गोभी में कीड़ा इतना पतला और छोटा होता है कि देखा नहीं जा सकता। गोभी के कीड़े की रेजिस्टेंस पावर ज्यादा होती है। ये पेट में पाए जाने वाले एसिड व एंजाइम से भी नहीं मरता।

Update: 2021-01-04 10:26 GMT
सावधान पत्ते गोभी का सेवन करने वाले, दिमाग में घुस जाएगा ये कीड़ा

लखनऊ: फास्ट फूड का नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। जब हम किसी रेस्टोरेंट में जाते हैं, तो अधिकतर चाऊमीन, स्प्रिंग रोल, बर्गर जैसे तमाम फूड आर्डर करते हैं और फिर इसे बड़े शौक से खाते हैं। क्या आपको पता है कि जिस फास्ट फूड को हम बड़े चाव से खाते हैं, उसमें शामिल पत्ते गोभी में एक ऐसा कीड़ा होता है, जो आपके दिमाग तक घुस जाता है तो चलिए जानते हैं दिमाग में कैसे घुसता है पत्ता गोभी वाला कीड़ा...

पत्ता गोभी में पाया जाता है खतरनाक कीड़ा

फास्ट फूड में इस्तेमाल किए जाने वाले पत्ता गोभी में टेव वर्म नाम का कीड़ा होता है जो खाने के जरिए मानव शरीर के दिमाग में पहुंच जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बंदगोभी और पत्ता गोभी में कीड़ा इतना पतला और छोटा होता है कि देखा नहीं जा सकता। गोभी के कीड़े की रेजिस्टेंस पावर ज्यादा होती है। ये पेट में पाए जाने वाले एसिड व एंजाइम से भी नहीं मरता। अगर तापमान पानी के उबाल जितना भी हो जाए, तो भी यह जिंदा रहता है। ये दिमाग पर ही वार करता है। जैसे ही ये दिमाग पर अपना असर डालता है, रोगी को दौरे पड़ने लग जाते हैं। ऑपरेशन में देरी और गड़बड़ी से पूरे शरीर को लकवा मार सकता है।

यह भी पढ़ें... पूरी दुनिया को वैक्सीन: बनेगी 6 अरब खुराक 2021 में, इन कंपनियों की तैयारी पूरी

कैसे मानव शरीर में पहुंचता है टेव वर्म

जैसा कि पत्ता गोभी का इस्तेमाल कच्चे सलाद, फास्ट फूड में अधिक किया जाता है। बड़े चाव से खाए जाने वाले पत्ते गोभी में एक टेव वर्म नाम का एक कीड़ा पाया जाता है। यह टेपवर्म हमारे शरीर में दो तरीके से पहुंचता है। यह बहुत ही छोटे होते हैं, जिन्हें खुली आंखों से नहीं देखा जा सकता। कई बार ऐसा होता है कि पत्ते गोभी को अच्छी तरह से धोने के बाद भी यह उसमें चिपके ही रह जाते है। ऐसी स्थिति में जब भी हम कच्ची पत्ता गोभी खाते हैं तो यह हमारे शरीर में आसानी से पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है।

आंतों से दिमाग तक हमला करता है टेव वर्म

जानकारी के मुताबिक, टेव वर्म सबसे पहले यह हमारी आंतों पर हमला करता है। फिर यह रक्त संचार के जरिए यह हमारे शरीर के दिमाग तक पहुंच जाता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि ये टेव वर्म हमारी आंतों पर केवल एक या दो टेपवर्म का हमला ज्यादातर घातक नहीं होता है, जबकि दिमाग पर एक टेव वर्म के हमले से गंभीर परिणाम हो सकता है। बता दें कि टेव वर्म से होने वाले संक्रमण को टैनिएसिस कहा जाता है। शरीर में जाते हीटेव वर्म अंडे देना शुरू कर देता है, जिसके बाद इंसान टेव वर्म के संक्रमण में आ जाते हैं।

संक्रमण होने के लक्षण

अगर हम बात करें टेव वर्म से होने वाले संक्रमण के लक्षण की, शुरूआती दौर में इनकी पहतान करना आसान नहीं होता है। फिर भी बता दें कि संक्रमण के चपेट में आने से नर्वस सिस्टम और दिमाग पर टेव वर्म का अटैक होने के बाद मरीज को मिर्गी की तरह दौरे पड़ने लगते हैं, जिसे इसके प्रमुख लक्षणों में से एक माना जाता है। इसके अलावा सिर में तेज दर्द, कमजोरी, थकान, डायरिया, बहुत ज्यादा या बहुत कम भूख लगना, वजन कम होने लगना और विटामिन्स और मिनरल्स की कमी होना भी मुख्य लक्षणों में शामिल है। जानकारों के मुताबिक, वयस्क टेपवर्म 25 मीटर से लंबा हो सकता है और 30 सालों तक जिंदा रह सकता है।

ये भी पढ़ें:घर पर बनांए हर्बल स्किन टोनर, ऐसे चमक उठेगा चेहरा, बढ़ेगा आत्मविश्वास

ऐसे करें बचाव

इस संक्रमण से बचने के लिए आपको पत्तागोभी या अन्य सब्जियों का उपयोग करने से पहले उनकी अच्छे से धो लें। इसके अलावा भोजन करने या बनाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से धोना ना भूलें। इतना ही नहीं, ऐसी जगहें जहां पशुओं और मानव के मल का उचित ढंग से सफाई ना किया जाता हो, वहां इस संक्रमण का खतरा अधिक हो जाता है, इसलिए ऐसी जगहों से दूर रहें। वहीं, कच्चा या आधा पका हुआ मांस खाने से भी इसके संक्रमण तेजी से बढ़ते है। क्योंकि मीट को ठीक से न पकाए जाने पर उसमें उपस्थित लार्वा या अंडे जीवित रह जाते हैं।

दोस्तों देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

Tags:    

Similar News