Sonbhadra: सोनभद्र के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में लाखों का घपला, चेक के जरिए उड़ाए गए 72 लाख

Sonbhadra News: सोनभद्र के मुख्यालय स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में चेक के जरिए लगभग 72 लाख की घपेलबाजी सामने आई है। इसके बाद मामले की जांच शुरू हो गई है।

Update: 2022-09-21 11:35 GMT

Sonbhadra: सोनभद्र के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में लाखों का घोटाला।

Sonbhadra News: सोनभद्र के मुख्यालय स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज (Government Polytechnic College) में चेक के जरिए लगभग 72 लाख की घपेलबाजी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर शासन तक पहुंची शिकायत के बाद, मामले की जांच शुरू हो गई है। डीएम चंद्र विजय सिंह (DM Chandra Vijay Singh) की तरफ से जहां डीआईओएस को जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं डीआईओएस की तरफ से मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।

ऐसे सामने आया मामला

लोढ़ी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कालेज (Government Polytechnic College) के कनिष्ठ सहायक नरेंद्र पांडेय (Junior Assistant Narendra Pandey) ने प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा, सीएम सहित अन्य को शिकायत भेज आरोप लगाया कि कॉलेज के प्रधानाचार्य बृजेंद्र सिंह, उनके परिचित तथा राजकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रवक्ता गणित सुधीर कुमार सिंह, संयुक्त निर्देशक कार्यालय पूर्वी क्षेत्र वाराणसी में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत रवींद्र कुमार और राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज मिर्जापुर में तैनात कनिष्ठ सहायक दिनेश कुमार मौर्या की मिलीभगत से फर्जी बिल-बाउचर के जरिए लाखों का गोलमाल किया गया है।

प्रधानाचार्य पर आरोप लगाया कि उनकी तरफ से उसके नाम चेक कटवाकर लाखों की धनराशि का उपयोग कर लिया गया। बाद में जब मामला गरमाने लगा तो उसे ही आरोपी बना दिया गया। मामले में प्रधानाचार्य बृजेंद्र सिंह के सहयोग में राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज सिंदुरिया के प्रधानाचार्य अजय कुमार सिंह और वाराणसी में तैनात सुधीर कुमार सिंह के कई रिश्तेदार जिन्हें आउटसोर्सिंग में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत होने का दावा किया गया है, में शामिल उनके दो भांजों पर जबरिया दबाव देकर, पैसा निकासी की स्वीकारोक्ति लिखवाने का भी आरोप लगाया गया है।

मेस संचालन में भी गोलमाल का आरोप

सीएम को भेजी गई शिकायत में राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज सोनभद्र में तैनात रहे वरिष्ठ सहायक ओमनारायण के 2020 में मृत होने के बाद भी, उनके नाम से इंडेंट बुक पर सामग्री दर्ज करने और उनका फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का आरोप लगाया है। वहीं छात्र-छात्राओं से ली जाने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति में घपलेबाजी और कभी यहां कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में तैनात रहे सुधीर सिंह की तरफ से लोढी में मेस संचालन करवाने सहित कई अन्य कार्यों में हस्तक्षेप और प्रभाव होने के आरोप लगाए गए हैं।

पहले चेक कटवाया, फिर धनराशि बढ़ाकर ले लिया भुगतानः प्रधानाचार्य

लोढ़ी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज सोनभद्र के प्रधानाचार्य वृजेंद्र सिंह (Principal Vrajendra Singh) ने सेलफोन पर आरोपों को झूठा बताया। कहा कि लिपिक द्वारा कम एमाउंट का चेक कटवाकर, उसमें धनराशि बढ़ाकर स्वयं के एकाउंट में भुगतान करा लिया गया। इसको लेकर विभागीय जांच हो चुकी हैं, जिसमें दोषी पाए जाने पर लिपिक नरेंद्र को गत 23 जून को निलंबित किया जा चुका है। पुलिस को इसकी तहरीर दी जा चुकी है।

वहीं सिंदुरिया के प्रधानाचार्य अजय कुमार सिंह (Principal Ajay Kumar Singh) का कहना था कि उनका कभी नरेंद्र से आमना-सामना ही नहीं हुआ था, इसलिए कोई दबाव या किसी कागज पर जबरिया हस्ताक्षर करवाने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। वैसे भी वह दूसरे कॉलेज के प्रधानाचार्य हैं। लोढ़ी के मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

अभिलेख संबंधितों से जांच के लिए मांगें गए: DIOS

वहीं डीआईओएस आरपी यादव (DIOS RP Yadav) का सेलफोन पर कहना था कि मामले से जुड़े अभिलेख संबंधितों से जांच के लिए मांगें गए हैं।

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