Sonbhadra News: सरकारी दफ्तरों के लिए प्लास्टिक मुक्त ’विकास भवन’ बनेगा नजीर, सीडीओ की अगुवाई में चला अभियान, प्रयोग किए बोतलों से बनाए गए कूड़ादान

Sonbhadra News Today: बताया गया कि जहां पानी की बोतलों से बनाए गए प्लास्टिक बैंक में, पानी के बोतल प्रयोग के बाद फेके जा सकेंगे।;

Update:2025-01-23 18:47 IST

Sonbhadra News Today Cleanliness Campaign in Vikas Bhavan and Campus to Become Plastic Free

Sonbhadra News in Hindi: सोनभद्र, प्लास्टिक मुक्ति के मामले में जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन सिर्फ सोनभद्र ही नहीं, दूसरे जिलों के सरकारी दफ्तरों के लिए भी जल्द ही नजीर बना दिखाई देगा। इसको लेकर सीडीओ जागृति अवस्थी की तरफ से बृहस्पतिवार को अनोखी पहल सामने आई। विकास भवन को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्ति बनाने के लिए, उनकी अगुवाई में न केवल, विकास भवन और परिसर में साफ-सफाई अभियान चलाया गया बल्कि कूड़ा प्रबंधन के लिए बोरियां भी टांगी गईं। प्रयोग किए गए बोतलों से कूड़ेदान बनाए गए।

1000 बोतलों से बनाया गया प्लास्टिक बैंक, 20 कुंतल कूड़ा हुआ इकट्ठा

अभियान के दौरान विकास भवन और परिसर से कूड़ा उठाकर एकत्रित किया गया। वहीं, कूड़े को एक निश्चित जगह पर एकत्रित कर, उसके सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया अपनाने के लिए, अभियान के दौरान मिली पानी की 1000 बोतलों से प्लास्टिक बैंक बनाया गया। वहीं, प्रयोग किए गए बोतलों से बनाए गए इस अनूठे कूड़ेदान में बोतल, प्लास्टिक, सीसा रैपर, गुटका के पन्नी स्थल सभी तरह के लगभग 20 कुंतल कूड़ा एकत्रित कर, उसके सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया शुरू की गई।

कार्यालयों से निकलने वाले कूड़े के लिए विभागवार टांगी गई बोरियां

बताया गया कि जहां पानी की बोतलों से बनाए गए प्लास्टिक बैंक में, पानी के बोतल प्रयोग के बाद फेके जा सकेंगे। वहीं, कार्यालय से निकलने वाले कूड़े के प्रबंधन के लिए विकास भवन के एक दीवाल पर सभी विभाग को स्थल आवंटित करते हुए विभागवार बोरिया टांगी गईं। वहीं, विभागों में सफाई करने वाले कर्मचारियों की तरफ से सुबह जो भी प्लास्टिक, कागज और बोतल इकट्ठा किया जाएगा उसे इसी बोरी में डाला जाएगा।

अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र लो़़ढ़ी को दी सुरक्षित निस्तारण की जिम्मेदारी

विकास भवन के कूड़े के समुचित प्रबंधन के लिए, विकास भवन में शुरू किए गए प्लास्टिक मुक्ति अभियान को जहां अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र लोढ़ी से जोड़ा गया है। वहीं, वहां के सफाईकर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है कि ई-रिक्शा के माध्यम से प्रत्येक तीन दिन में कूड़े को कलेक्ट कर आरआरसी पर निस्तारण के लिए ले जाया जाएगा।

आने वाले लोगों को भी इसके लिए किया जाए जागरूक: सीडीओ

सीडीओ ने विकास भवन के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि विकास भवन परिसर को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त बनाए रखने के लिए जरूरी है कि यहां आने वाले सभी लोगों को इस बात के लिए जागरूक किया जाए कि वह गुटके के रैपर, प्लास्टिक और प्लास्टिक के बोतल को इधर उधर नहीं फेंके। उसको उचित स्थान पर निस्तारण के लिए डालें।

विभागों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगाया गया प्रतिबंध

सीडीओ ने कहा कि विकास भवन के सभी विभाग में सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित कर दिया गया है। विभाग के कार्यालय में प्लास्टिक की बोतल की जगह स्टील और कांच की बोतलें प्रयोग में लाने के निर्देश दिए गए हैं। समूह के जरिए जूट से फाइल और डॉक पैड तैयार कराए जा रहे हैं। दिवाल पर जो विभागवार बोरिया लगाई गई हैं, उसके जरिए यह भी निगरानी की जाएगी कि कौन सा विभाग सबसे प्लास्टिक/प्लास्टिक पानी बोतल का प्रयोग कर रहा है। सबसे कम प्लास्टिक प्रयोग करने वाले विभाग को पुरस्कृत किया जाएगा।

अभियान में इनकी रही प्रमुख मौजूदगी

कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, डीसी मनरेगा, सैनिक कल्याण अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, डीसी एनआरएलएम, अर्थ एवं संख्या अधिकारी सहित विभाग के सभी अधिकारी, विकास भवन के सभी अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

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