India-China News: अरुणाचल के मुद्दे पर भारत का चीन को तीखा जवाब, कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा

India-China News: चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के 11 स्थानों का नाम बदलने की सूची जारी किए जाने के बाद सियासी माहौल भी गरमा गया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने इस बाबत ट्वीट करते हुए कहा कि गलवान प्रकरण के बाद प्रधानमंत्री मोदी की ओर से चीन को क्लीनचिट दी गई थी।;

Update:2023-04-04 20:24 IST
India-China News: अरुणाचल के मुद्दे पर भारत का चीन को तीखा जवाब, कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा
India-China Border Arunachal Issue (Photo: Social Media)
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Arunachal Issue News: अरुणाचल प्रदेश में 11 स्थानों के नाम बदलने के चीनी सरकार के कदम का भारत ने तीखा जवाब दिया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने चीन की ओर से उठाए गए इस कदम को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि चीन सरकार की ऐसी हरकतों से अरुणाचल प्रदेश की वास्तविकता को नहीं बदला जा सकता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साफ तौर पर कहा कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा भारत का अभिन्न अंग बना रहेगा और इसे भारत से कभी अलग नहीं किया जा सकता।

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कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला

चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के 11 स्थानों का नाम बदलने की सूची जारी किए जाने के बाद सियासी माहौल भी गरमा गया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने इस बाबत ट्वीट करते हुए कहा कि गलवान प्रकरण के बाद प्रधानमंत्री मोदी की ओर से चीन को क्लीनचिट दी गई थी। मोदी सरकार की ओर से उठाए गए इस कदम का नतीजा पूरा देश भुगत रहा है।

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चीन ने तीसरी बार किया नामकरण

दरअसल चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश पर अपनी दावेदारी को मजबूत बनाने के लिए चीनी भौगोलिक नामों की तीसरी सूची जारी की गई है। चीन अरुणाचल प्रदेश को जंगनान बताता है और उसे तिब्बत का दक्षिणी हिस्सा कहता है। चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक नागरिक मामलों के मंत्रालय की ओर से रविवार को अरुणाचल प्रदेश के 11 स्थानों के नाम जारी किए गए हैं इन नामों में दो आवासीय क्षेत्रों, पांच पर्वत चोटियों, दो नदियों और दो भूमि क्षेत्रों के नाम शामिल हैं। चीन की ओर से इन स्थानों के अधीनस्थ प्रशासनिक जिलों की श्रेणी भी सूचीबद्ध की गई है। इससे पहले चीन 2017 और 2021 में भी अरुणाचल के विभिन्न स्थानों के चीनी नाम जारी कर चुका है।

विदेश मंत्रालय ने चीन के कदम को किया खारिज

चीन सरकार की ओर से उठाए गए कदम पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब चीन सरकार की ओर से इस तरह का कदम उठाया गया है। चीन सरकार की ओर से ऐसी हरकत पहले भी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत को चीन सरकार की ओर से उठाया गया यह कदम कतई स्वीकार नहीं है और हम इसे पूरी तरह खारिज करते हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन को यह नहीं भूलना चाहिए कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और आगे भी बना रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में विभिन्न स्थानों के चीनी नामकरण से वास्तविकता को नहीं बदला जा सकता। उन्होंने कहा कि चीन को इस संबंध में किसी गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए। इस तरह की हरकत से अरुणाचल प्रदेश की असलियत में कोई बदलाव नहीं आने वाला है।

कांग्रेस का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

चीन सरकार की ओर से उठाए गए इस कदम के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है बल्कि चीन सरकार की ओर से तीसरी बार इस तरह का दुस्साहस किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले 2017 में चीन ने 6 स्थानों के नाम बदले थे जबकि 2021 में 15 स्थानों का नामकरण किया था। अब चीन की सरकार की ओर से अरुणाचल के 11 स्थानों के नाम बदले गए हैं। अपने ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष ने गलवान प्रकरण की भी याद दिलाई।

उन्होंने कहा कि गलवान प्रकरण के बाद मोदी सरकार की ओर से चीन को क्लीनचिट दी गई थी जिसका नतीजा देश को भुगतना पड़ रहा है।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी पीएम मोदी की ओर से चीन को दी गई क्लीनचिट की याद दिलाई है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के लोगों को देशभक्त बताते हुए कहा कि चीन की सरकार अरुणाचल प्रदेश में यथास्थिति को मानने को तैयार नहीं है। अब चीन की सरकार की ओर से भारत को झटका देने वाला नया कदम उठाया गया है।

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