Arunachal Pradesh

वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ ने शनिवार को कहा कि भारतीय वायु सेना अरुणाचल प्रदेश में हाल में दुर्घटनाग्रस्त हुए एएन-32 विमान हादसे के कारणों का पता लगाकर यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसे हादसे फिर नहीं हों। 

अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में भारतीय वायुसेना के लापता एएन-32 विमान का मलबा दिखाई दिया है। अब इसकी तस्वीर भी सामने आई है। इस तस्वीर में घने जंगल में विमान का मलबा दिखाई दे रहा है।

अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में भारतीय वायुसेना के लापता एएन-32 विमान का मलबा दिखाई दिया है। भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।  यह विमान 3 जून को असम के जोरहाट से उड़ान भरा था और लापता हो गया था।

खांडू ने अपने पास पीडब्ल्यूडी विभाग रखा है और उपमुख्यमंत्री चौना मेन को वित्त एवं निवेश मंत्रालय दिया गया है। इसके अलावा उन्हें ऊर्जा और गैरनवीकरणीय ऊर्जा संसाधन मंत्रालय भी दिया गया है।

विधानसभा और लोक सभा चुनाव खत्म होने के बाद अब सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई हैं। केंद्र में नरेंद्र मोदी गुरुवार को शपथ लेंगे। वही आज नवीन पटनायक  ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उधर पेमा खांडू भी आज अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

अरुणाचल प्रदेश में मंगलवार देर रात 6.1 तीव्रता के भूकम्प के झटके महसूस किए गए। अमेरिका के जियोलॉजिकल सर्वे ने यह जानकारी दी।भूकम्प का केन्द्र अलोंग के

अरूणाचल प्रदेश में लोकसभा की दो और विधानसभा की 57 सीटों के लिए बृहस्पतिवार को होने वाले मतदान की खातिर सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं और उग्रवाद प्रभावित जिलों में सुरक्षा बलों की विशेष रूप से तैनाती की गयी है।

अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस के घोषणापत्र में राजद्रोह की धारा को हटाने के वादे पर कहा कि कांग्रेस देश के साथ है या फिर देशद्रोहियों के साथ है। उन्होंने सवाल किया, कांग्रेस का कोई नेता अरुणाचल आता था क्या?

लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी को पूर्वोत्तर से बड़ी खुशी मिली है। अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी ने बिना चुनाव लड़े ही दो सीटों पर कब्जा कर लिया है। आपको बता दें राज्य में लोकसभा के साथ ही विधान सभा के भी चुनाव होने हैं।

देशभर में चुनाव सुचारू रूप से संपन्न करवाने के लिए चुनाव आयोग को कई मुश्किल हालातों को सामना करना पड़ता है। पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिला में एक गांव है जहां सिर्फ एक वोटर है और उसका मतदान करवाने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारियों को कड़ी मशक्कत करनी और उन्हें दुर्गम रास्तों पर पूरा एक दिन पैदल चलना पड़ता है।