Corruption

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करने का दावा कर रही है। शुक्रवार को इस दिशा..

गोरखपुर। अपने ही सरकार में मुख्यमंत्री के जिले में बीजेपी के विधायक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल ने अपने ही जिले के अधिकारियों के भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है, और गोरखपुर से लेकर लखनऊ तक इसकी जांच को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। आइये आपको दिखाते है, भ्रष्टाचार पर मैं हु न कहने …

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा है कि प्रदेश के पुलिस महकमे में जिले के जिले खरीदे और बेंचे जा रहे हैं। उन्होंने कहा यह सिर्फ पुलिस विभाग का मसला नहीं है बल्कि पूरी सरकार घूसखोरी और भ्रष्टाचार के दलदल में डूबी हुई है।

इन दिनों इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बुधवार को यूनिवर्सिटी के कुलपति रतनलाल हांगलू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इतना ही नहीं उनके साथ ही कई प्रोफेसरों और विश्वविद्यालय कार्यालय से संबंधित अधिकारियों ने भी अपना इस्तीफा दिया है।

विपक्षी पार्टियां आये दिन मोदी योगी सरकार के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए हमलावर रहती है और ऐसे में जब जिलाधिकारी के कार्यालय के बगल में बने राजस्व निरीक्षक विभाग में रिश्वतखोरी की खुली दुकान में दुकानदारी करते हुए सरकार के बाबू अधिकारी कैमरों में कैद होते है तब जाकर आलाधिकारी नींद से जागते है।

बैठक में 17 मार्च को हुए निवेश पर सवाल उठाने के बजाय बोर्ड ऑफ ट्रस्टी की बैठक में यह भी प्रस्ताव पास हुआ कि सचिव, ट्रस्ट केस-टू-केस बेसिस मामले में निदेशक वित्त से अनुमोदन लेंगे।

केंद्र की मोदी सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। प्रधानमंत्री कार्यालय(पीएमओ) ने केंद्र सरकार के सभी विभागों से खर्चीले और भ्रष्ट अधिकारियों की सूची मांगी है। सरकार का मकसद है कि व्यवस्था को साफ-सुथरा बनाए जाए।

भ्रष्टाचार तथा कार्य में शिथिलता पर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार बेहद सख्त है। हर विभाग में सुस्त तथा भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

जनपद अंबेडकरनगर में पीसीएफ क्रय एजेंसी का लगभग एक हजार मीट्रिक टन चावल तीन राइस मिलों द्वारा गबन किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। जिला प्रबन्धक पीसीएफ रितेश यादव ने दो राइस मिलरों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करवाया है।