cyber crime

दिशानिर्देशों में एक और प्रमुख मुद्दा व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर पता लगाने की क्षमता है। सरकार ने कहा कि भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध, या सार्वजनिक व्यवस्था, या किसी को उकसाने से संबंधित अपराध की रोकथाम, पता लगाने, जांच, अभियोजन या सजा के लिए।

साइबर हैकर्स ने एसओ ट्रैफिक वाराणसी के नाम से फेसबुक प्रोफाइल बनाकर गूगल पे से पैसे मांगे। इस खबर के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

सण्डीला से भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजकुमार अग्रवाल के नाम से साइबर जालसाजों ने फर्जी फेसबुक प्रोफ़ाइल बना ली। इसके बाद उसी फर्जी आईडी से उसके परिचितों व पार्टी कार्यकर्ताओं को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई।

भारत में फेक प्रोफाइल बनाकर उस आईडी से गलत काम को अंजाम देना आम बात हो गई है। ऐसा एक मामला भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नाम के साथ भी हुआ है।

साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए कई तरीके अपना रहे हैं और इस तरह लोगों को निशाना बनाते हैं। क्रिमनल इस तरह के फ्रॉड के लिए एक नया तरीका अपना रहे हैं। केंद्रीय गृह मत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है।

यूपी के आगरा में 11वीं कक्षा के एक नाबालिग छात्र का दिल अपनी ट्यूशन टीचर पर आ गया। उसने अपने सनकपन के चक्कर में महिला टीचर का जीना मुश्किल कर दिया है। शुरुआत में शिक्षिका ने उसकी नादानी समझ कर उसे समझाया और नज़र अंदाज़ कर दिया था। इस बात से बौखलाकर छात्र ने टीचर को सोशल मीडिया पर एस्कॉर्ट बना दिया।

पुलिस ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। साइबर सेल का सहयोग लिया गया। फेसबुक पर खुराफात करने वाले युवक को जेल का रास्ता दिखा दिया गया। एसपी आरपी सिंह के मुताबिक लडकी का फर्जी अकाउंट बनाने वाले राहुल यादव को गिरफतार किया गया है।

State Bank Of India ने अपने एक ट्वीट में कहा है कि ग्राहकों से अनुरोध है कि वे सोशल मीडिया पर सतर्क रहें और किसी भी भ्रामक व फर्जी संदेश में ना आएं।

इन दिनों साइबर ठग कोरोना वैक्सीन के नाम पर झांसा दे रहे हैं। दरअसल, साइबर ठगी के सबसे बड़े अड्डे डार्क वेब पर इन दिनों अपराधी कोरोना वैक्सीन बेचने का दावा कर रहे हैं। वहां पर वैक्सीन की डील के दौरान क्रिप्टोकरंसी के जरिए लोगों के पैसे हड़प रहे हैं। 

बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन का 2017 में साइबर सेल में एक शिकायत दर्ज कराई थी। या मामला अब साइबर सेल से क्राइम ब्रांच इंटेलिजेंस यूनिट को ट्रांसफर किया गया है।