dengue

जनपद में डेंगू के बढ़ते मरीजों की संख्या व कोविड-19 की सेकंड वेब के खतरे दृष्टिगत, को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस संबंध में जिला चिकित्सालयों के सीएमएस सहित कोविड-19 व डेंगू से संबंधित चिकित्सकों के साथ बैठक की गई।

देश सहित उत्तर प्रदेश के लोग भी कोरोना वायरस के प्रकोप का सामना कर रहे हैं। इस बीच अब राजधानी में डेंगू अपना कहर बरपाने लगा है। शहर में तेजी से डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए सरकार ने अगर पूरी तत्परता और गंभीरता दिखाई होती तो आज प्रदेश की जनता की जान को जोखिम में ना रहतीा। मच्छर जनित बीमारी डेंगू से बचाव हेतु सिर्फ कागजों में खाना पूर्ति की जा रही है।

डेंगू का बुखार एडीज मच्छर के काटने से होता है और अगर इसके इलाज में थोड़ी सी लापरवाही बरती जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकती है। मच्छर के काटने के करीब 3-5 दिनों के बाद मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं। डेंगू फैलाने वाले एडीस मच्छर को पूरी तरह से खत्म करना संभव नहीं है। गर्म से गर्म माहौल में भी यह जिंदा रह सकता है। इसके अंडे आंखों से दिखते भी नहीं हैं, जिसके कारण इसे मार पाना आसान नहीं है। पानी के संपर्क में आते ही अंडा लार्वा में बदल जाता है और फिर अडल्ट मच्छर बन जाता है।

जिले में कोरोना वायरस लगातार कहर बरपाए है और कोरोना ने 3 हजार से अधिक लोगों को अपनी आगोश में ले रखा है जबकि 60 से अधिक लोगों की मौत कोरोना के कारण हो चुकी है

कोरोना काल में यूपी के मैनपुरी जनपद के करीमगंज गांव के लोगों के लिए रहस्यमयी बीमारी आफत बनकर आई है। 23 दिन में 12 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। जबकि 400 से ज्यादा लोग अपना इलाज करा रहे हैं।

बारिश के मौसम में स्किन इंफेक्शन के अलावा मलेरिया और डेंगू जैसी कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यूपी के कई हिस्सों में भी हल्की व भारी बारिश हो रही है, जिसके बाद यहां भी मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

भारत में हर साल डेंगू के करीब एक से दो लाख मामले सामने आते हैं। नेशनल वेक्टर बोर्न डीजीज कंट्रोल प्रोगाम के मुताबिक, 2019 में डेंगू के 1,36,422 मामले सामने आए थे और करीब 132 लोगों की मौत हुई थी।

नवम्बर पूरे जनपद में बुखार के कहर से हर घर में विछी हुई है चारपाई और लगातार मौतें होने का सिलसिला जारी है।  किंतु स्वास्थ्य विभाग सिर्फ खाना पूर्ति कर कागजों तक ही सीमित रह डेंगू के नाम पर सरकारी पैसा लूटने में जुटा है।

मुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण देवेश चतुर्वेदी ने एईएस तथा जेई के प्रभाव के लिए संवेदनशील माने जाने वाले सभी 38 जनपदों में सौ फीसदी टीकाकरण करने का निर्देश देते हुए कहा है कि केवल डेंगू ही नहीं मच्छर पैदा करने वाली सभी स्थितियों को नष्ट किया जाये।