FATF

पाकिस्तान ऐसा देश है जो हमेशा दोहरी चाल चलकर दूसरों को भरमाने की कोशिश में जुटा रहता है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भी एक बार फिर पाकिस्तान का दोहरा चेहरा उजागर हुआ है।

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स(एफएटीएफ) की बड़ी बैठक होनी है। इस बैठक में समीक्षा की जाएगी कि पाकिस्तान एफएटीएफ एक्शन प्लान को लागू करने में कितना सफल हुआ है। इससे पहले ही पाकिस्तान की एक बार फिर पोल खुल गई है

इस साल 2020 में भारत अक्टूबर महीने में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की होने वाली प्लेनरी बैठक में आतंकी वित्त पोषण पर पाकिस्तान की सारी करतूतों की पोल खोलेगा।

पाकिस्तान ने FATF द्वारा ब्लैक लिस्ट किए जाने के डर से गुरुवार को आतंक रोधी कानून में संशोधन किया है। कानून में हुए संशोधन को संसद से पास कराने के बाद पाकिस्तान को उम्मीद है कि अब वह FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर हो पाएगा।

आतंकी फंडिंग केस में ग्लोबल टेरर वाचडॉग एफएटीएफ ने पाकिस्तान को अभी भी ग्रे लिस्ट में रखा हुआ है जिसके बाद से पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान को तगड़ा झटका लगा है।

कोरोना संकट में भी पाकिस्तान अपने नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। आतंकियों के लिए स्वर्ग पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय दबाव से बचने के लिए फिर चाल चली है। अब उसने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का नाम ही बदल दिया है।

चीन एक बार फिर पाकिस्तान की ढाल बन कर सामने आया है। चीन ने पाकिस्तान को एफएटीएफ की सूची में ब्लैकलिस्ट होने से बचा लिया। देते रहेंगे पाकिस्तान को सहायता

पाकिस्तान को अपनी कथनी और करनी का बीच का अंतर पाटना ही होगा। पाकिस्तान आखिर चीन के सहारे कब तक अपनी खैर मनाता रहेगा। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) का दबाव उस पर लगातार बढ़ता जा रहा है।

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही बरकरार रखा है। लेकिन इसके बावजूद भी पाकिस्तान की इमरान खान सरकार के लिए इसे राहत नहीं माना जा रहा है।

फ्रांस की राजधानी पेरिस में फाइनेंशियल एक्‍शन टास्‍क फोर्स (Financial Action Task Force/FATF) की एक अहम बैठक शुरू हो चुकी है। ये बैठक 21 फरवरी तक चलेगी। इस बैठक में पाकिस्‍तान के भविष्‍य को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।