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माता-पिता का सहयोग बच्चे के पूरे प्रदर्शन में बहुत महत्तवपूर्ण भूमिका निभाता है। अच्छे परिणामों के लिए माता-पिता को इन सभी जानकारियों का अवश्य ही पालन करना चाहिए।ऐसे में पेरेंट्स की जिम्मेदारी है

मेरठ में बागपत रोड स्थित मुलताननगर में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय पूर्व क्रिकेटर प्रवीण कुमार ने सरेआम गुंडागर्दी की। स्कूल बस से बच्चे उतर रहे थे, प्रवीण अपनी गाड़ी लेकर वहां पहुंचे।

क्या आपको पता है कि बेटी के आने से पिता की उम्र लगभग 47 हफ्ते तक बढ़ जाती है। एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि, एक बेटी के पिता बनने पर पिता की आयु 47 हफ्ते बढ़ जाती है।

वेटनेरी लेडी डॉक्टर की गैंगरेप व हत्या ने पिछले कुछ दिनों से हैदराबाद शहर को सुर्खियों में ला दिया है।26 साल की वेटनेरी डॉक्‍टर के साथ पहले गैंगरेप और फिर निर्दयता के साथ उसकी हत्‍या कर जला दिया गया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है।

मां बच्चों को उनकी शैतानियों पर सजा देती है कभी-कभी उन्हें मारती भी है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखती है कि उसका बच्चा उसके डांट-मार से ज्यादा चोटिल न हो। लेकिन इंटरनेट पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जो अपने बच्चे को इतनी दरिंदगी से पीट रही है कि देखने वालों को रोंगटे खड़े हो जाएं।

राजधानी के आशियाना थाना क्षेत्र में एक कलयुगी पिता ने अपने डेढ़ माह के मासूम बेटे को पत्नी की गोद से छीनकर पटक-पटक कर मार डाला। उसके बाद हत्यारा पिता मौके से फरार हो गया।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रिश्तों को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक पिता ने रिश्तों को तार-तार करते हुए हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। हैवान पिता अपनी दो सगी बेटियों से 15 साल से दुष्कर्म कर रहा था। जब बेटी ने पिता के खिलाफ आशा ज्योति केंद्र में गुहार लगाई तब सारी बात सामने आई।

शादी के बाद हर किसी की संतान की इच्छा होती है। हालांकि कुछ लोग शादी के एक दो साल में ही माता-पिता बन जाते हैं, तो कोई कुछ सालों के बाद बनता है। हम उन 5 भारतीय क्रिकेटर के बारे में बात करेंगे जो शादी के कई साल बाद भी निसंतान हैं।

जनपद उरई कुठौंद थाने में मासूम के साथ दरिंदगी के बाद हत्या के मामले का पटाक्षेप पुलिस ने कर दिया। पुलिस ने आठ वर्षीय बालिका के पिता को ही इस मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि बालिका के साथ दुष्कर्म की कोई घटना नहीं हुई थी।

परशुराम शिव के परम भक्त थे। इनका नाम तो राम था, किन्तु शिव द्वारा प्रदत्त अमोघ परशु को सदैव धारण किए रहने के कारण ये परशुराम कहलाते थे। कहते हैं कि उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया के खैराडीह में अक्षय तृतीया को हुआ था।