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राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित तबलीगी जमात के मरकज में शामिल हुए विदेशी जमातियों के वीजा शर्तों में काफी गड़बड़िया पाई गई हैं।

चिट्ठी में लिखा गया कि तबलीगी जमात का मामला होने के बाद से मुस्लिमो को टारगेट किया जा रहा है। उनके खिलाफ देश में माहौल बनाया जा रहा है, ऐसे में वे भेदभाव का शिकार हो रहे हैं।

काशी में कोरोनावायरस का असर तेजी से फैलता जा रहा है। तब्लीगी जमातियों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। तो वहीं शहर की कोतवाली पुलिस जमातियों पर पैनी नजर रखने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनजर जिले में कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में एक के बाद एक नए कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं। 24 घंटे के अंदर खतौली इलाके में 2 नए कोरोना केस मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया।

तबलीगी जमात के बाद एक और जमात ने कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर संकट खड़ा कर दिया है। तुर्कमान गेट की जमात-ए-शूरा के करीब 11 सदस्यों के गुजरात पहुंचने की जानकारी मिली है।

सरकार की तरफ से दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित तबलीगी जमात के मरकज में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे लोगों की पहचान की जा रही है और उन्हें ढूंढकर निकाला भी जा रहा है।

दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से निकले कोरोना संक्रमित जमाती की तलाश में सभी राज्यों की पुलिस प्रशासन जुटी हुई है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के जिलों से एक के बाद एक जमाती के कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आ रहे हैं।

 राजधानी लखनऊ के सदर बाजार कैंट स्थित मस्जिद से पकड़े गए तब्‍दीली जमात के 12 लोग लखनऊ में कहां से आए थे, इसके बारे में जानकारी करने के लिए इंटेलीजेंस ब्‍यूरो की टीम काम कर रही  है। मस्जिद के इमाम के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।

इसका कारण यह है कि पुलिस को टेलीकॉम टावर से किसी ख़ास इलाक़े में आने-जाने वाले लोगों के सेलफ़ोन नंबर मिल जाते हैं और इसके बाद पुलिस का काम सिर्फ इतना रह जाता है कि वह इस इलाके में आने से पहले कहां एक्टिव थे और यहां से जाने के बाद कहां एक्टिव हैं।

तबलीगी जमात के सैकड़ों लोगों को निकालकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जमात के 24 लोगों में कोरोना से संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।