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कोरोना वैश्विक महामारी को देखते हुए, भारतीय दंत चिकित्सा परिषद के आदेशानुसार, नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन के द्वारा डेंटल टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

देश में अबतक  कोरोना से 71 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी बीच कोरोना से लड़ने के लिए उत्तर प्रदेश के नोएडा में अत्याधुनिक कॉल सेंटर बनाया गया है। खास बात यह है कि ये देश का पहला कोरोना मेडिकल कॉल सेंटर है।यहां कोरोना से लड़ने के लिए आधुनिक तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया गया है।

वैसे तो पूरी दुनिया में इस कोरोना ने अपना संक्रमण फैला रखा है। ऐसे में स्‍पेन में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 10,000 पार कर गया है। स्‍पेन में बीते 24 घंटे में रिकॉर्ड 950 लोगों की मौत हो गई।

उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। बीमारी से रोकथाम के लिए सरकारी अस्पतालों से दिए जा रहे एजिथ्रोमाइसिन ओरल...

NEET PG 2020:  नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन ने 30 जनवरी को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) पीजी 2020 के लिए नतीजे घोषित कर दिए।

राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग विधेयक, 2019 (एनसीआईएम) में आधिकारिक संशोधन के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी जो राज्यसभा में अभी लंबित है। दूसरी ओर मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक, 2019 में अधिकारिक संशोधनों को मंजूरी भी दी।

नई दिल्ली। अपने देश में कड़े कंपटीशन के कारण ढेरों छात्र विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करते हैं। लेकिन उनमें से मात्र १५ फीसदी छात्र ही ‘फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एक्जामिनेशनÓ (एफएमजीई) पास कर पाते हैं जो भारत में डॉक्टरी का लाइसेंस प्राप्त करने के लिये अनिवार्य है। इन १५ फीसदी छात्रों में से भी अधिकांश …

दुनिया में ऐसे-ऐसे फंगस वायरस फैलते जा रहें हैं जिनका इलाज भी नहीं है। इससे और ज्यादा घातक तो ये है कि फैल रही इन खतरनाक बीमारियों का अंत मरने के बाद भी नहीं होता है। इसी तरह के एक फंगस का नाम है कैडिडा ऑरिस। 

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक पदों पर काम कर रहे चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को उनके प्रशासनिक पदों से हटाकर मरीज के उपचार वाले पदों पर उनकी तैनाती करने की तैयारी में है।

प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा आगामी वर्षो में 70 से 80 विशेषज्ञ चिकित्सक प्रति वर्ष तैयार करेगा। प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रदेश के 9 चिकित्सालयों को प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में विकसित कर रहा है।