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हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट ने निर्णय किया है कि अगले एक साल के लिए सभी मंत्रियों, विधायकों, अलग-अलग बोर्ड और कॉर्पोरेशन के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की सैलरी में 30 फीसदी की कटौती होगी।

दिल्ली में नई सरकार का गठन हो गया है। इस सरकार के मुखिया अरविंद केजरीवाल समेत पांच मंत्री करोड़पति हैं जबकि दो मंत्री लखपति हैं। कुल मिलाकर दिल्ली के नए मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की औसत संपत्ति 8.95 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद ने सोमवार को तीसरी बार बतौर मुख्यमंत्री अपना कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, गोपाल राय, सतेंद्र जैन और राजेन्द्र पाल गौतम ने भी कार्यभार संभाल लिया है।

अरविंद केजरीवाल 16 फरवरी को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक अरविंद केजरीवाल अपनी कैबिनेट में कोई बदलाव नहीं करेंगे। अरविंद केजरीवाल की नई सरकार में सभी पुराने मंत्री दोबारा लिए जाएंगे।

संजय गांधी पीजीआई संजय गांधी पीजीआई के फैक्ल्टी फोरम के चुनाव में डॉक्टर पीके प्रधान को अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया है जबकि डॉक्टर संदीप साहू को मंत्री पद के लिए चुना गया है, कोषाध्यक्ष पद पर डॉ अंकुर भटनागर को निर्वाचित घोषित किया गया है।

महाराष्ट्र में गुरुवार को नई सरकार का गठन होने जा रहा है। एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना की गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे शाम को शपथ लेंगे। उद्धव ठाकरे परिवार के ऐसे पहले सदस्य हैं, जो कोई पदभार संभालेंगे।

आज मोदी की अहम कैबिनेट बैठक होने वाली है, जिसमें कठोर निर्णय लिया जा सकता है। मोदी सरकार की कश्मीर पर गठित इस मंत्री समूह में रविशंकर प्रसाद, थावर चंद गहलोत, डॉ. जितेंद्र सिंह, नरेंद्र तोमर और धर्मेंद्र प्रधान हैं। यह समूह कश्मीर के विकास के लिए केंद्रीय मंत्रालयों की मदद का प्लान तैयार करेगा. इसका फोकस युवाओं के कौशल विकास पर होगा।

योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद आज कई मंत्रियों ने अपना कार्यभार ग्रहण किया। विधानभवन स्थित अपने कार्यालय कक्षों में मंत्रियों ने अधिकारियों के साथ बैठक कर उनसे विभागीय जानकारी ली। 21 अगस्त को शपथ लेने के बाद अवकाश के बाद इन मंत्रियों ने आज कार्यभार आज संभाला।

योगी आदित्यनाथ ने जब प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी उसी समय उन्होंने इस बात के संकेत दे दिए थे कि हमारी सरकार पिछली सरकारों से अलग सरकार है। इसलिए वह अपने ढाई साल के कार्यकाल में अधिकारियों के साथ ही मंत्रियों को भी अनुशासन में रहने की बात कहते रहते हैं।