political

मध्य प्रदेश का राजनीतिक घटनाक्रम पिछले 24 घंटों में तेजी से बदला है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के राजनीतिक रंग बदल गए हैं।  सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और अब वो बीजेपी का दामन थामेंगे। सिंधिया के इस्तीफे के बाद 22 कांग्रेस विधायकों ने भी पार्टी से किनारा कर लिया है।

भोपाल पहुंचने के बाद स्टेट हैंगर में मंत्री तरुण भनोत, कुणाल चौधरी एक साथ देखे गए। सीएम आवास के बाहर काफी तेज हलचल चल रही है। यहां पर कमलनाथ सरकार के मंत्रियों का पहुंचना लगातार जारी है। यहां सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त की गई है।

शिवसेना के जन्मदाता और महाराष्ट्र में प्रमुख पार्टी के रुप में बनाने में बाला साहेब ठाकरे का अहम योगदान था। पब्लिक जीवन में अपने कठोर व तीखे भाषणों से पहचाने जाने वाले बाला साहेब ठाकरे  निजी जीवन में बच्चों के साथ मधुर व्यवहार के हिमायती थे। बच्चों को अनुशासन में लाने के लिए मार-पीट के वो खिलाफ थे।

राजनीतिक पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक का प्रथम स्थापना दिवस 30 नवंबर 2019 को प्रदेश भर में धूमधाम से मनाया जाएगा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर रघुराज प्रताप सिंह ( राजा भैया) के नेतृत्व में 30 नवम्बर 2018 को पार्टी का गठन किया गया है।

महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की महागठबंधन वाली सरकार आज शपथ ग्रहण के बाद बनकर कार्यभार संभालने वाली है। अब देखना होगा कि महागठबंधन की सरकार को आने वाले चुनौतियों से उसी तरह निबटती है जैसा पिछले कुछ दिनों के दौरान साथ दिखाया? आज नई सरकार बनने जा रही है।

महाराष्ट्र में शरद पवार के भतीजे और एनसीपी के नेता अजित पवार ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तब वह सूर्खियों में बने हुए हैं। जानते हैं उनके बेटों के बारे में। अजित पवार के दो बेटे है जय और पार्थ।

महाराष्ट्र में शनिवार सुबह भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर सामने आया है। शनिवार सुबह बीजेपी ने एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली है।

जमीयत उलेमा ए इस्लाम-फजल के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने एक प्रेस कांफ्रेंस में इमरान को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह सरकार फर्जी चुनावों का परिणाम है। हम डी-चौक पर इकट्ठा होंगे, हम वे लोग नहीं हैं जो जिन्हें आसानी से तितर-बितर किया जा सकता है।

सीबीआई कस्टडी मे चल रहे पी चिदंबरम के लिए आज सबसे खास दिन है, एक तरफ निचली अदालत मे उनकी रिमांड बढ़ाए जाने की मांग होगी वहीं भविष्य में ईडी उन्हें आईएनएक्स मीडिया केस मे गिरफ्तार कर सकती है या नहीं

इस मामले पर दिग्गज नेताओं के भी अलग-अलग बयान आ रहे हैं। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ का कहना है कि अयोध्या विवाद के हल के लिए कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए टीम गठित की थी, जोकि विफल रही।