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इस साल का पहला और आखिरी सूर्यग्रहण रविवार को लगा। इसके बाद अगला सूर्यग्रहण 25 अक्टूबर 2022 को भारत में दिखेगा।

रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के रॉकेट का ऊपरी हिस्सा अंतरिक्ष में फट गया है। अब इससे निकलने वाला कचरा पृथ्वी की कक्षा में फैल गया है। 8 मई को हिंद महासागर के ऊपर रूसी रॉकेट टूटा और उसके 65 टुकड़े पृथ्वी के ऊपर घूम रहे सैटेलाइट्स के लिए खतरा बनकर मंडरा रहे हैं। ये टुकड़े सैटेलाइट्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

भारत ने अंतरिक्ष (Space) में कई कीर्तिमान बनाए हैं। भारत को आज एक महाशक्ति के रुप में देखा जाता है। आज बहुत से देश कम लागत में अपने उपग्रहों की लॉन्चिंग के लिए भारत पर निर्भर है।

न्यूयार्क। स्पेस एक्स ने फाल्कन रॉकेट के जरिए  60 और उपग्रह अंतरिक्ष में पहुंचाए हैं। कॉम्पैक्ट फ्लैट पैनल वाले इन छोटे छोटे उपग्रहों का वजन महज 260 किलोग्राम है। वैसे, इसके पहले इसी साल मई में 60 उपग्रह भेजे जा चुके हैं। ये उपग्रह भी अंतरिक्ष में जा कर उनसे जुड़ जाएंगे। स्पेस एक्स के …

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय स्पेस स्टेशन में 15-20 दिन के लिए कुछ अंतरिक्ष यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। अगर इसरो 5 से 7 साल में अपना स्पेस स्टेशन बना लेगा तो वह दुनिया का चौथा देश होगा, जिसका खुद का स्पेस स्टेशन होगा। इससे पहले रूस, अमेरिका और चीन अपना स्पेस स्टेशन बना चुके हैं।

इस कविता को आपने बचपन में सुना ही होगा, कभी छोटे बच्चों के मामा, कभी इश्क में महबूबा का चांद बना, कभी चलनी से चांद का दिदार हुआ, कभी ईद के चांद की बेसब्री....... आखिर चांद है क्या...

आज पूरे देश को सिर्फ उस पल का इंतजार है, जब चंद्रयान-2 चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। चंद्रयान-2 शुक्रवार की रात डेढ़ से ढाई बजे के बीच चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा।

आज हम बात करते हैं चंद्रमा की, क्या आप को मालूम है चांद की धरती में छिपा हो सकता है ढेर सारा खज़ाना! यह बात अभी तक रहस्य बनी हुई है। क्या इसी लिए सभी चांद पर जाने की तैयारी कर रहे हैं, क्या अभी भी वहां समुद्र मंथन के प्राप्त मूल्यवान धातु या खज़ाना मौजूद है?

जब ऐनी ने यह अपराध किया था, तब वह अंतरिक्ष में थीं। ऐसे में फेडरल ट्रेड कमीशन और पुलिस का कहना है कि यह अपराध उनके कार्य क्षेत्र से बाहर है क्योंकि ये अंतरिक्ष में हुआ है। इसलिए वह इस मामले में कुछ नहीं कर पाए।

कंप्यूटर ने जिंदगी के हर क्षेत्र के काम को आसान कर दिया है। विज्ञान हमें आसमान को लांघकर चांद तक पहुंचा चुका है, लेकिन साइंस के कारनामों ने हमें हैरान करना नहीं छोड़ा है।