Tablighi Jamaat

भारत में कोरोना वायरस का तेजी से प्रसार करने के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार अगर किसी को ठहराया जाता है, तो वो है तब्लीगी जमात।  इसे देखते हुए भारत में तब्लीगी जमात की गतिविधियों में शामिल 2500 विदेशी नागरिकों के भारत आने पर 10 साल के लिए बैन लगा दिया गया है।

कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए, अब जनवरी से मार्च तक उत्तर प्रदेश से दिल्ली आए-गए लोगों की अब हिस्ट्री खंगालनी शुरु कर दी गई है।

प्रोफेसर शाहिद को महामारी एक्ट के तहत गिरफ्तार करके पहले ही जेल भेजा जा चुका है। वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अब प्रोफेसर शाहिद के खिलाफ मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है।

तब्लीगी जमात को लेकर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। मरकज के मुखिया मौलाना साद के बारे में नए-नए खुलासे...

भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोज नये केस तेजी के साथ सामने आ रहे हैं। वहीं मौत का आंकड़ा भी बढ़ता ही जा रहा है। अभी तक यूपी, नई दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा केस तबलीगी जमात से जुड़े हुए है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम छिपे बैठे रोहिंग्या मुसलमानों की तलाश में जगह –जगह तलाशी अभियान चला रही है, लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिल पाई है। दिल्ली पुलिस, कोई गलती नहीं करना चाहती है।

यूपी में कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। अभी तक कोरोना वायरस के जीतने भी संक्रमित मरीज मिले हैं। उसमें से अधिकांश तबलीगी जमात से हैं। जिसके बाद से उन्हें क्वारनटाइन किया जा रहा है।

यूपी के कानपुर के स्वास्थ्य महकमे में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया। जब एक साथ 14 करोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई। इस तरह यहां पर करोना संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचकर 45 हो गया।

भारत में कोरोनावायरस का नाम आते ही एक बार तबलीगी जमात का नाम जरूर आता है। वजह ये हैं कि देश में इस संक्रमण के प्रसार का एक बड़ा माध्यम जमात के लोग रहे। आंकड़ों की बात करें तो भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या के 30 फीसदी मरीज जमाती है।