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सीरिया से अमेरिकी सेना के हटते ही तुर्की ने उसपर हमला बोल दिया। तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने कहा कि इस हमले का एक मात्र उद्देश्य सीमाई इलाकों से कुर्दिश सेनाओं को हटाकर सीरियाई शरणार्थियों के लिए एक सुरक्षित जोन बनाना है। हालांकि तुर्की के इस फैसले की भारत ने कड़ी आलोचना की है।

आर्थिक कंगाली की कगार पर खड़े पाकिस्तान की हालत अब खराब होने वाली है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट में डाल सकता है। अगर ऐसा हुआ तो पहले आर्थिक तंगी की मार झेल रहे पाकिस्तान को तबाह होने से कोई नहीं बचा सकता।

पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर से हटे आर्टिकल 370 को लेकर तिलमिलाया हुआ है, जिसकी वजह से बैलिस्टिक मिसाइल-गजनवी के जरिये उसने दुनिया का ध्यान खींचने के लिए नया तरीका अपनाया था।

एनएबी ने मुख्य रूप से मरियम पर चीनी मिलों के शेयरों की बिक्री/खरीद की आड़ में मनी लॉ्ड्रिरंग में शामिल होने का आरोप लगाया है। इसने कहा कि वह 2008 में मिलों की सबसे बड़ी शेयरधारक बन गईं, जिनके पास 1.2 करोड़ से अधिक के शेयर थे।

सीरिया से अमेरिका के सैनिकों के हटाने के बाद से तुर्की ने कुर्द विद्रोहियों के खिलाफ जंग छेड़ दी है। तुर्की के हमले की 24 घंटे में सीरिया के 50 हजार से ज्‍यादा लोगों अपना आशियना छोड़ दिया है और दूसरी जगहों पर चले गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के आमंत्रण पर 'पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के प्रमुख शी चिनफिंग अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए 11 -12 अक्टूबर 2019 को चेन्नई में होंगे। यह शिखर वार्ता चेन्नई के समीप प्राचीन तटीय शहर मामल्लापुरम में होगी। मंत्रालय ने कहा कि शिखर वार्ता के दौरान दोनों देश भारत-चीन विकास साझेदारी को गहरा करने पर विचार विमर्श करेंगे।

पाकिस्तान की कानून प्रवर्तन एजेंसी ने आतंकियों को फंडिंग के मामले में हाफिज सईद के संगठन लश्करे-ए-तयैबा और जमात-उद-दावा के 4 बड़े नेताओं को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने कहा कि इन संगठनों के नेतृत्व की जांच की जाएगी।

पाकिस्तान की पहचान दुनिया में एक ऐसे देश के तौर पर होती है। जो झूठे बयानों के लिए जाना जाता है। बयान देकर पीछे हटना उसकी फितरत में है। इस बार भी उसने कुछ ऐसा ही किया है जिसे लेकर पाकिस्तान एक बार फिर से चर्चा में है।

अमेरिका और तुर्की के बीच तल्खी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने अभी इस तल्खी को कम करने के लिए कदम बढ़ाया ही था कि तुर्की ने फिर ऐसी हरकत कर दी थी दोनों देशों के बीच एक बार फिर से युद्ध जैसे हालात बन गये है।

आतंकियों का न कोई धर्म होता है और न उनकी कोई जाति होती है। वह किसी को भी निशाना बनाते आतंकियों से करीब-करीब दुनिया के सभी देश परेशान हैं। वह आए दिन हमले के जरिए निर्दोष लोगों की जान लेते हैं। इराक में तो ISIS आतंकियों ने भारी मचाही है।