Lucknow News: हाईकोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेसियों में गुस्सा, लखनऊ में कार्यकर्ताओं ने किया विरोध-प्रदर्शन

Lucknow News: राजधानी में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय माल एवेन्यु पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हाईकोर्ट द्वारा सजा बरकरार रखने को लेकर विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि राहुल गांधी को भाजपा ने जबदस्ती फंसाया है।

Update: 2023-07-07 12:05 GMT
राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता(Pic: Newstrack)

Lucknow News: राहुल गांधी की सजा बरकरार रखने के गुजरात हाईकोर्ट के फैसले से नाराज कांग्रेसियों ने यहां जमकर प्रदर्शन किया। राजधानी में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय माल एवेन्यु पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हाईकोर्ट द्वारा सजा बरकरार रखने को लेकर विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि राहुल गांधी को भाजपा ने जबदस्ती फंसाया है। उनके खिलाफ भाजपा साजिश कर रही है। राहुल गांधी पर आज आए फैसले पर यूपी के कांग्रेसियों में नाराजगी है। राजधानी में इसी का विरोध करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर जमकर विरोध और प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि राहुल गांधी के खिलाफ बड़ी साजिश रची गई है।

बता दें कि गुजरात हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा बरकरार रखी है। न्यायमूर्ति हेमंत प्रच्छक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर रोक की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ कम से कम 10 आपराधिक मामले लंबित हैं। मौजूदा मामले के बाद भी उनके खिलाफ कुछ और मामले भी दर्ज हुए। उन्होंने कहा कि ऐसा ही एक मामला वीर सावरकर के पोते ने दायर किया है।

न्यायमूर्ति हेमंत प्रच्छक ने कहा कि दोषसिद्धि से कोई अन्याय नहीं होगा। दोषसिद्धि न्यायसंगत एवं उचित है। कहा कि पहले दिए गए आदेश में हस्तक्षेप करने की कोई जरूरत नहीं है। इसलिए इस आवेदन को खारिज किया जाता है। मोदी उपनाम वाली टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी को गुजरात की सूरत कोर्ट से दोषी करार दिया गया था। कोर्ट ने कांग्रेस नेता को दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता भी चली गई थी। अब हाईकोर्ट से भी उन्हें झटका मिला है। इससे वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे या संसद सदस्य (सांसद) के रूप में अपनी स्थिति के निलंबन को रद्द करने की मांग नहीं कर पाएंगे। हालांकि, वह हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं।

राहुल को नहीं बनाने चाहिए ऐसे इतिहास

वहीं, भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने अदालत की टिप्पणी, जिसमें राहुल पर और केस दर्ज होने की बात कही है, पर कहा कि राहुल को इसके बारे में सोचना चाहिए और ऐसे इतिहास नहीं बनाने चाहिए...।

मई में नहीं मिली थी अंतरिम राहत

इससे पहले जस्टिस प्रच्छक ने मई में राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि वह ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद अंतिम आदेश पारित करेंगे।

राहुल के वकील ने दी थी यह दलील

राहुल गांधी के वकील ने 29 अप्रैल को सुनवाई के दौरान गुजरात हाईकोर्ट में तर्क दिया था कि एक जमानती और गैर-संज्ञेय अपराध के लिए अधिकतम दो साल की सजा का मतलब है कि उनके मुवक्किल अपनी लोकसभा सीट खो देंगे।

राहुल गांधी को मार्च में हुई थी दो साल की सजा-

दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा 2019 में मोदी उपनाम को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में मार्च में गुजरात के सूरत की कोर्ट ने उन्हें धारा 504 के तहत दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता भी चली गई थी।

आखिर क्या कहा था राहुल गांधी ने?

बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा था, ‘कैसे सभी चोरों का उपनाम मोदी है?‘ इसी को लेकर भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि राहुल ने अपनी इस टिप्पणी से समूचे मोदी समुदाय की मानहानि की है। राहुल के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत केस दर्ज किया गया था।

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