Moradabad News: मुरादाबाद के RM पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप, MLC की शिकायत पर होगी जांच

Moradabad News: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) में फैले भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए मुरादाबाद, बरेली खंड के एमएलसी डॉक्टर जयपाल सिंह ने शासन को पत्र लिखा है।

Report :  Sudhir Goyal
Update:2023-11-23 14:06 IST

मुरादाबाद में एमएलसी ने आरएम के खिलाफ लिखा पत्र (न्यूजट्रैक)

Moradabad News: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) में फैले भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए मुरादाबाद, बरेली खंड के एमएलसी डॉक्टर जयपाल सिंह ने शासन को पत्र लिखा है। जिसके बाद शासन से मुरादाबाद के आरएम परवेज खान के भ्रष्टाचार की जांच के लिए आरएन वर्मा मुखिया प्रधान प्रबंधक (सीजीएम) लखनऊ मुख्यालय को जांच अधिकारी नियुक्त कर 1 दिसंबर तक जांच की आख्या मांगी गयी है।

बता दें कि मुरादाबाद में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) के मुरादाबाद संभाग में तैनात आरएम परवेज खान के द्वारा विभाग में फैलाए गए भ्रष्टाचार के विरुद्ध एमएलसी डॉक्टर जयपाल सिंह ने चेताया था, परंतु एमएलसी के चेताने के बाद भी जब आरएम परवेज़ खान मुरादाबाद ने अपने भ्रष्टाचार पर अंकुश न लगाया। तो एमएलसी ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम विभाग को एक लिखित शिकायती पत्र भेजा। जिसमें एमएलसी ने आरएम परवेज खान से कहने पर भी भ्रष्टाचार कम न करते हुए अपने ही तीन अधीनस्थ कर्मचारियों को झूठे और फर्जी मामलो में सस्पेंड कर दिया।

इतना ही नहीं विभाग के ईमानदार कर्मचारियों को भी आरएम परवेज खान और उनके खास गुर्गों ने डराया धमकाया है। जिस कारण कोई भी कर्मचारी अपनी जुबान खोलने से कतरा रहा है। परवेज़ खान द्वारा संजीव गुप्ता और भारत सिंह को सेवा से पृथक कर दिया जबकि रियाज़ अहमद बुकिंग डेपो को उसी दण्ड में उसके प्रकरण को माफ करके समाप्त कर दिया। वहीं किरन पाल सिंह कण्ट्रोल रूम प्रभारी द्वारा बस स्टेशन की सुरक्षा के लिए दो कर्मचारी की मांग की गई थी। जिसमे उमेश (बी सी) द्वारा कार्य में बाधा की गई जिसकी रिपोर्ट अंकुर गुप्ता द्वारा तैयार की गई थी।

परवेज़ खान द्वारा रिपोर्टकर्ता अंकुर गुप्ता को आरोपित कर दिया और उमेश कुमार के खिलाफ कोई कार्यवाही की गई। वारिस अली (चालक) प्रवर्तन दल द्वारा परिचालक से बिना यात्री ले जाने में सहायक यातायात निरीक्षित मनोज कुमार शर्मा से छुडवाने के बदले में धन वसूल करने की मांग करते हुए परिचालक ने २० मिनट की रिकॉर्डिंग आरएम को पेश की, जिसमें उसे निलंबित कर दिया गया था। बाद में उससे साठगांठ कर उसे बहाल कर दिया।

विभाग में यह भी चर्चा

आरएम कार्यालय का जनेरेटर की मरम्मत में एक लाख का खर्चा आया था। परंतु आरएम परवेज खान द्वारा 4 लाख 62 हजार का फर्जी बिल बनाकर पेश किया गया। पैसे निकाल लिए गए जिससे निगम को हानि पहुंचाई। इस तरह कई और आरोप आरएम मुरादाबाद परवेज खान पर लगे हैं। मुरादाबाद के दो बार के एमएलसी रहे डॉक्टर जयपाल सिंह व्यस्त ने शासन को लिखा था।

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