चीन में मुसलमानों का नरसंहार! अमेरिका ने लिया ये बड़ा फैसला, अब क्या करेगा ड्रैगन

संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार, किसी भी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की बड़ी संख्या में हत्या की जाती है। इसके अलावा अल्पसंख्यकों की जनसंख्या नियंत्रित करने को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं, तो इसे नरसंहार की श्रेणी में ही गिना जाएगा।

Update: 2020-12-25 15:18 GMT
अमेरिका ने पाबंदियों को मुसलमानों का नरसंहार बताया है और इस मामले की जांच करने की बात कही है। अमेरिकी प्रशासन के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

नई दिल्ली: अमेरिका और चीन के बीच आने वाले दिनों में और तनाव बढ़ सकता है। अमेरिका ने एक ऐसा फैसला लिया जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ना तय है। चीन में उइगर मुसलमानों पर कई पाबंदियां लगाई हैं। अमेरिका ने पाबंदियों को मुसलमानों का नरसंहार बताया है और इस मामले की जांच करने की बात कही है। अमेरिकी प्रशासन के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने वैश्विक आपराधिक न्याय के एम्बेसडर मोर्सरे टैन को जांची की जिम्मेदारी सौंपी है। मोर्सरे टैन चीन में उइगर मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों की जांच करेंगे। टैन सीमित समय में जांच कर रिपोर्ट देंगे।

संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार, किसी भी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की बड़ी संख्या में हत्या की जाती है। इसके अलावा अल्पसंख्यकों की जनसंख्या नियंत्रित करने को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं, तो इसे नरसंहार की श्रेणी में ही गिना जाएगा।

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चीन पर शिनजियांग स्वायत्त क्षेत्र में अल्पसंख्यक उईगर मुसलमानों पर अत्याचार करने के आरोप लगते रहे हैं। अमेरिका इसको लेकर चीन पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाता है।

चीन में मुसलमानों का जबरन नसबंदी कराया जाना, उनको हिरासत केन्द्रों में रखना और जबर्दस्ती मजदूरी कराने आरोप लगता है। इस अत्याचार के आधार पर अमेरिका ने चीन पर उइगर मुसलमानों के नरसंहार का आरोप लगाया है।

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बता दें कि चीन ने इससे पहले स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में उत्सुल मुसलमान पुरुषों को भी अरबी वेशभूषा पहनकर आना बैन कर दिया था। चीन सरकार की तरफ से पुलिस को आदेश दिया गया था कि वे मुस्लिमों के धार्मिक रीति रिवाज और अरबी पहनावों पर सख्त बैन लगाएं।

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उत्सुल मुसलमान चीन में अल्पसंख्यक समुदाय से संबंध रखते हैं। इनकी आबादी करीब 10 हजार के आसपास है। ये लोग मुस्लिम बहुल शिनजियांग से लगभग 12000 किलोमीटर दूर हेनान प्रांत के एक छोटे से शहर सान्या में निवास करते हैं।

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