अजब गजब

पिता का सबसे करीबी दोस्त उसका बेटा ही होता है। लेकिन ये अनमोल रिश्ता तो बेजुबानों में भी होता है। जहां इंसान जुबान से अपनी भावनाएं व्यक्त करता है वहीं एक बेजुबान अपने हावभाव से. ऐसी ही एक पिता-पुत्र की जोड़ी आजकल चर्चा में है।

आग, धुंआ और धमाकों की आवाज से आसपास के इलाके के लोग काफी अधिक डरे हुए हैं। कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए वहां पर पीएचई विभाग के दो कर्मचारी यहां तैनात किये गये हैं।

पुलिस ने पोस्टमार्टम कराना भी जरूरी नहीं समझा। दोनों ही थानों की पुलिस लेरू और उसके परिजनों से शव लेकर थाने आने को कहकर वापस लौट गई। बेटे की मौत से लेरू यादव पर तो जैसे दुखों का पहाड़ ही टूट पड़ा।

इस दुनिया में कुछ ऐसी जगह है जो पर्यटकों को आकर्षित करती है। कभी-कभी कुछ कंपनियां और होटल पर्यटकों के लिए ऐसा काम कर जाते हैं जिसे हम कभी सोच भी नहीं सकते। इन दिनों एक होटल की ऐसी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसने सभी को चौंका दिया है

जिस किसी ने भी प्रधान, इंजीनियर और ब्लॉक के अधिकारियों के इस अजूबे को देखा तो उनकी आंखे फटी की फटी ही रह गई। लोगों का अब यह सोच सोच कर सर चकरा रहा है कि कैसे दो लोग एक साथ इस शौचालय का प्रयोग करेंगे, और वो कौन लोग होंगे जो ऐसा करने को राजी हो जाएंगे।

अपनी आबरू बचाने के लिए लड़के यहां लड़कियों के सामने मिन्नतें करते हैं। इसके बाद भी लड़कियां बलात्कार जैसे संगीन जुर्म को अंजाम देती हैं और बेखौफ होकर शहर में घूमती हैं। बता दें कि इस जगह पर लड़कों का रेप करके उनका स्पर्म चुराने की एक प्रथा प्रचलित है।

थाना नगराम क्षेत्र के ब्राह्मण टोला मोहल्ले में मकान के निर्माण के लिए कुछ मजदूर नींव की खुदाई कर रहे थे। इसी दौरान मजदूरों का फावड़ा किसी ठोस चीज से टकराया।

बारात सादगी से निकाली गई और बारातियों ने जहां तक संभव हो पाया, सोशल डिस्टेंशिंग का पालन किया। वधू पक्ष ने भी कोरोना सुरक्षा नियमों के हिसाब से ही अरेंजमेंट्स किए थे।

शैतानों की किताब को लिखने की एक कहानी काफी प्रचलित है कि 13 वीं सदी में एक संन्यासी ने अपनी प्रतिज्ञा को तोड़ दिया था. जिसके बाद उसे दीवार में जिंदा चुनवाने की सजा मिली थी.

जियालाल की उम्र 40 वर्ष है। उन्होंने आंसू पोछते हुए कहा कि उनका और उनके बीबी-बच्चों का अब इस टंकी में रहने का बिल्कुल भी मन नहीं करता है। टंकी के अंदर रहने से उनका जी घबराता है।