relief package

कोरोना संकट के कारण सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था की रफ्तार में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक और बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया जा सकता है।

देश में कोरोना वायरस के चलते बीते दो महीनों से लॉकडाउन लागू है। ऐसे में पहले से ही सुस्त पड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था को और अधिक नुकसान झेलना पड़ा है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के एक डायरेक्टर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे सतीश काशीनाथ मराठे ने कोरोना से निपटने के लिए मोदी सरकार के राहत पैकेज पर सवाल खड़े किए हैं।

यदि उनको लौटाना है, कारखानों को चलवाना है और बाजारों में रौनक लाना है तो अमेरिका, केनाडा, इंग्लैंड और जर्मनी की तरह करोड़ों किसानों और मजदूरों को कम से कम दो-तीन माह तक जीवन-भत्ता या गुजारा-भत्ता दीजिए। खाली पेट और खाली जेब को भरे बिना अर्थ-व्यवस्था को पटरी पर लाना मुश्किल है

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस येदियुरप्पा ने कहा है कि कोरोना वायरस वित्तीय पैकेज के रूप में 1610 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। 2 लाख 30 हजार नाइयों और 7 लाख 75 हजार ड्राइवरों को 5000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

छोटे उद्यमों को पटरी पर लाने के लिए सरकार विभिन्न उपायों पर विचार कर रही है। सूत्रों का कहना है कि सरकार क्षेत्र को संकट से उबारने के लिए तीन लाख करोड़ के लोन पर गारंटी दे सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दोपहर 12 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में राहत पैकेज को लेकर चर्चा हो सकती है। मिली जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी बैठक में कोरोना से निपटने के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही, दूसरे आर्थिक पैकेज पर भी फैसला हो सकता है।

अमेरिका में गुरुवार को 4591 लोगों कोरोना से मरे हैं जो वहां एक दिन में सबसे ज्यादा मौत है। अमेरिका में इस वक्त तक 6 लाख 72 हजार से ज्यादा केस मिले हैं जबकि 33898 लोग मर चुके हैं। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि एक तरफ देश के 30 फीसदी प्रांतों में पिछले सात दिन में कोई नया केस नहीं मिला है तो दूसरी तरफ अस्पताल में कोरोना मरीजों की संख्या कम हुई है।

पीएम नरेंद्र मोदी और फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण आज मुलाकात करने वाले हैं। इस बैठक में दूसरे राहत पैकेज पर फैसला लिया जा सकता है। कोरोना वायरस  के लगातार बढ़ते संक्रमण के कारण लॉकडाउन जारी है और अर्थव्यवस्था की हालत खराब है।

केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था के लिए एक और राहत पैकेज पर विचार कर रही है और इसके लिए केंद्रीय वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्रालय के सचिव और PMO के बीच लगातार बैठकें चल रही हैं।