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नई दिल्ली : गठिया या अर्थराइटिस की समस्या काफी तेजी से फैल रही है। इस बीमारी में शरीर के जोड़ प्रभावित हो जाते हैं जिससे जोड़ों में काफी दर्द होता है। अगर वक्त रहते इसका इलाज न कराया जाए, तो आगे चलकर चलना-फिरना भी मुश्किल हो सकता है। यह बीमारी जोड़ों में यूरिक एसिड के …

बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि दिन काम करने के लिए बना है और रात सोने के लिए।। ले​किन आज कल की लाइफस्टाइल में ये बात कहीं बहुत पीछे छूट गयी है।नींद पूरी न होने के कारण जीवन में काफी दिक्कतें बढ़ जाती है।

ब्रेन ट्यूमर सिर्फ दिमाग को ही नहीं प्रभावित करता है। दिमाग में गड़बड़ी होने पर शरीर के हिस्से भी प्रभावित होते हैं, क्योंकि दिमाग ही पूरे शरीर को संचालित करता है। ऐसे में हमें ब्रेन से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

लखनऊ : इंटरनेट ने जहां दुनिया जहान को हथेली पर लाकर रख दिया है वहीं इसके साथ पॉर्न भी हमारे जीवन में घर बना चुका है। कभी-कभी  पॉर्न देखना बुरी बात नहीं है लेकिन इसका अडिक्शन बुरी बहुत बुरी बात है। ये भी देखें : मोबाइल पर पोर्न देखने के हैं शौक़ीन तो ना करें ये …

नई दिल्ली : आजकल ज्यादातर लोगों की आंखों में निकट दृष्टि दोष यानी मायोपिया पाया जाने लगा है। यही वजह है कि बच्चों तक में नजदीक का चश्मा लगाना पड़ रहा है। जिन लोगों को 2 मीटर या 6.6 फीट की दूरी के बाद चीजें धुंधली दिखती हैं उन्हें मायोपिया का शिकार माना जाता है। …

नई दिल्ली: गले के प्रवेश द्वार के दोनों तरफ मांस की एक गांठ सी होती है, जो लसिका ग्रंथि के समान होती है जिसे टांसिल कहते हैं। गले में छोटे-छोटे गोलाकार मांसल तन्तु टॉन्सिल कहलाते हैं। इनमें पैदा होने वाली सूजन को टाँन्सिलाइटिस कहा जाता है। मैदा, चावल, आलू, चीनी, ज्यादा ठंडा, ज्यादा खट्टी चीजों …

जयपुर:थायराइड की समस्‍या से ज्यादातर लोग परेशान हैं। इसकी प्रमुख वजह खराब लाइफस्टाइल और असंतुलित खान-पान बताई जाती है। थायराइड को मेटाबॉलिज्म से भी जोड़ कर देखा जाता है और यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं को कई गुना अधिक होती है। थाइराइड गर्दन के सामने और स्वर तंत्र के दोनों तरफ होती है। ये …

जयपुर:फेफड़ों को प्रभावित करने वाली बीमारी अस्थमा या दमा इन दिनों बहुत गंभीर समस्या बनती जा रही है। जब फेफड़ों तक सही तरीके से ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और सांस लेने में दिक्कत होती है, तो यह अस्थमा के लक्षण है। अस्थमा से बचने के लिए जरूरी है कि इसके बारे में अच्छी जानकारी हो। …

दुनिया भर में कोरोनरी धमनी रोग के बाद मृत्यु का दूसरा सबसे आम कारण है ब्रेन स्ट्रोक, जो स्थाई विकलांगता का भी एक सबसे प्रचलित कारण है।

नई दिल्ली: भारत में महिलाओं में कैंसर के मामलों में 27 प्रतिशत मामले स्तन कैंसर के हैं। इस तरह की परेशानी 30 वर्ष की उम्र के शुरुआती वर्षो में होती है, जो आगे चलकर 50 से 64 वर्ष की उम्र में भी हो सकती है। स्तन कैंसर के कुछ लक्षणों में स्तन या बगल में …