Tejas Express

कोरोना वायरस ने भारतीय रेल पर भी अपना कहर बरपाया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए देश की पहली प्राइवेट ट्रेन-तेजस एक्‍सप्रेस पर रोक दिया गया है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्‍म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IRCTC) ने पर्यटन मंत्रालय के सुझाव पर यह फैसला लिया है।

सरकार ने भारतीय रेलवे स्टेशन पुनर्विकास निगम लिमिटेड के जरिये 2020-2021 में पूरे देश में 50 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए निविदा जारी करने की योजना बनाई है और इसपर 50,000 करोड़ रुपये का निवेश का प्रस्ताव है।

भारतीय रेलवे की पहली निजी ट्रेन तेजस एक्सप्रेस में भी छंटनी की गई है। अभी ठीक से दो महीने भी नहीं पूरे हुए थे कि 20 लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। तेजस एक्सप्रेस में यात्रियों को खाना परोसने और उनकी सहायता करने वाली 20 ट्रेन होस्टेस को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

अगर आप घूमने का प्लान बना रहे हैं और ट्रेन की टिकट बुक कराना है तो ये खबर जरूर पढ़े। जीं हां तेजस ट्रेन जो अभी जल्द ही शुरू हुई है उनमें नए ऑफर निकाले है। तेजस में महंगे किराए की वजह से आप अगर प्लान नहीं बना पा रहे थे तो ये मौका अब आपके हाथों में है। 

तेजस एक्सप्रेस देश की पहली प्राइवेट ट्रेन जो अभी कुछ दिनों पहले ही लॉन्च हुई। लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की जाने वाली ये ट्रेन अब मिल रही सुविधा के लिए काल बन रही हैं।

तेजस एक्सप्रेस अभी कुछ दिनों पहले ही लॉन्च हुई है। लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की जाने वाली ये ट्रेन अब मिल रही सुविधा के लिए काल बन रही हैं। दिल्ली और लखनऊ के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस ट्रेन की होस्टेस रेगूलर कुछ यात्रियों के व्यवहार से परेशान हैं।

देश की पहली निजी तेजस एक्सप्रेस के रेल यात्रियों को अब ट्रेन होस्टेस से सलीके से पेश आने का तरीका सिखाया जाएगा।

आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने गुरूवार को पत्रकारवार्ता में बताया कि सुपरफास्ट तेजस एक घंटे से अधिक लेट हुई तो 100 रुपये और दो घंटे से अधिक लेट होने पर 250 रुपये मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजे का भुगतान भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम करेगा।

साल 2016 में जब तेजस ट्रेन का टाइम-टेबल जारी किया गया था तो लखनऊ जंक्शन से इसके रवाना होने का समय सुबह 6.50 बजे था। नए शेड्यूल के मुताबिक अब यह ट्रेन 40 मिनट पहले सुबह 6.10 बजे रवाना होगी।

देश में निजी कंपनियों द्वारा संचालित पहली ट्रेन तेजस एक्सप्रेस लखनऊ और दिल्ली के बीच चलाई जाएगी। रेलवे बोर्ड ऐसे दूसरे मार्ग पर भी विचार कर रहा है और वह भी 500 किलोमीटर के क्षेत्र में होगा। मुसाफिरों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए भारतीय रेल ने ट्रायल बेसिस पर यह ट्रेन आईआरसीटीसी को देने का फैसला किया है।