West Bengal Politics: PM मोदी और अमित शाह के प्रति ममता का रुख नरम, आखिर क्यों बदला नजर आ रहा है दीदी का तेवर

West Bengal Politics: PM नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और BJP के खिलाफ लगातार हमलावर रहने वाली ममता का तेवर इन दिनों बदला हुआ नजर आ रहा है।

Written By :  Anshuman Tiwari
Update: 2022-12-26 06:07 GMT

PM मोदी और अमित शाह के प्रति ममता का रुख नरम, आखिर क्यों बदला नजर आ रहा है दीदी का तेवर (Photo- Social Media)

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के सियासी हलकों में इन दिनों मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) के तेवर को लेकर खासी चर्चाएं हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) और भाजपा के खिलाफ लगातार हमलावर रहने वाली ममता का तेवर इन दिनों बदला हुआ नजर आ रहा है। ममता बनर्जी की हाल में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई थी। इसके साथ ही ममता ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई (Action of Central Investigation Agencies) में पीएम मोदी का हाथ मानने से भी इनकार कर दिया था। उन्होंने पीएम मोदी के जल्द कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने की बात भी कही है। ऐसे में ममता के बदले तेवर को लेकर पश्चिम बंगाल की सियासत में खूब चर्चाएं हो रही हैं। ममता के इस बदले तेवर का कारण तलाशा जा रहा है।

बदल गया है ममता का रवैया

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले महीने अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। गत 16 दिसंबर को ममता की कोलकाता में गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात हुई थी। गत सितंबर में विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान ममता बनर्जी ने कहा था कि केंद्रीय एजेंसियों की ओर से विपक्षी नेताओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई में प्रधानमंत्री मोदी का हाथ नहीं है। उनका कहना था कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय प्रधानमंत्री के अधीन नहीं हैं। इसलिए मैं यह नहीं कहूंगी कि यह सब प्रधानमंत्री करवा रहे हैं। भाजपा के अन्य नेताओं की ओर से विपक्ष के खिलाफ साजिश रची जा रही है।

ममता ने गत बुधवार को यह भी कहा कि वे 30 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें कोलकाता के गार्डन रीच नेवल बेच के कार्यक्रम में आमंत्रित किया है। इसलिए वे पीएम मोदी के साथ कार्यक्रम में मौजूद रहेंगी।

ममता को वित्तीय मदद की दरकार

टीएमसी मुखिया के इस बदले हुए तेवर के पीछे महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक पश्चिम बंगाल की आर्थिक तंगी के मद्देनजर ममता को केंद्र से मदद की दरकार है। वे इस बाबत केंद्र सरकार से कई बार गुहार लगा चुकी हैं मगर उन्हें अभी तक वित्तीय मदद नहीं मिल सकी है। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक के फंड न रिलीज किए जाने से पश्चिम बंगाल सरकार को करारा झटका लगा है। इस संकट से उबरने के लिए ममता पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह की मदद से राज्य की आर्थिक स्थिति को सुधारने की कोशिश में लग गई हैं।

ममता पर विपक्ष का बड़ा आरोप

उधर विपक्ष के नेता ममता के इस बदले तेवर को लेकर हमलावर हैं। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में हुए स्कूल भर्ती घोटाले के कारण ममता बनर्जी बैकफुट पर दिख रही हैं और भाजपा के साथ राजनीतिक समझौता करने की कोशिश में जुटी हुई हैं। वे अपने भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और पार्टी के कई अन्य नेताओं को जांच एजेंसियों के शिकंजे से बचाना चाहती हैं।

माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने रविवार को ममता के खिलाफ तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के डूबते जहाज को बचाने के लिए ममता पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह की मदद ले रही हैं। राज्य भाजपा के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि वे लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही हैं,लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिलेगी क्योंकि टीएमसी और ममता दोनों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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