जानिए कौन हैं भाजपा के नए संगठन महासचिव बी.एल. संतोष
अमित शाह के करीबी संतोष पर येदियुरप्पा ने लगाया था पार्टी तोड़ने का आरोप। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने बी.एल. संतोष को पार्टी का नया राष्ट्रीय महासिचव नियुक्त किया है। वर्ष २००६ से पार्टी के वरिष्ठ नेता रामलाल यह जिम्मेदारी संभाल रहे थे।;
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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने बी.एल. संतोष को पार्टी का नया राष्ट्रीय महासिचव नियुक्त किया है। वर्ष २००६ से पार्टी के वरिष्ठ नेता रामलाल यह जिम्मेदारी संभाल रहे थे। रामलाल एक बार फिर आरएसएस में लौट गए हैं जहां पर वह सह संपर्क प्रमुख की भूमिका निभाएंगे। रामलाल ने संगठन महासचिव के रूप में कई राज्यों और 2 लोकसभा के चुनावों में पार्टी को मिली जीत में अहम भूमिका निभाई थी। पार्टी के संगठन को मजबूत करने में रामलाल की अहम भूमिका रही है।
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बी.एल. संतोष कर्नाटक भाजपा का जाना माना चेहरा हैं और पार्टी को दक्षिण भारत में मजबूत करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है। संतोष कर्नाटक के कुंडापुर के रहने वाले हैं और एक संघ प्रचारक के रूप में काम करने का उनके पास दशकों का अनुभव है। वर्ष 2005 में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बी.एस. येदियुरप्पा के संपर्क में आने के बाद भाजपा के संगठन सचिव के रूप में बी.एल. संतोष ने शिमोगा जिले में काम करना शुरू किया। शिमोगा भाजपा के लिए महत्वपूर्ण जिला इसलिए भी है क्योंकि पार्टी के दो वरिष्ठ नेता येदियुरप्पा और ईश्वरप्पा यहीं के हैं।
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अवैध खनन के मामले में येदियुरप्पा का नाम आने उनको इस्तीफा दिलाने में संतोष की अहम भूमिका थी। बताया जाता है कि संतोष ने पार्टी आलाकमान से कहा था कि राज्य में शीर्ष पद पर एक साफ सुथरे व्यक्ति की आवश्यकता है सो येदियुरप्पा को इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके बाद से संतोष और येदियुरप्पा में अनबन हो गई।
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इसके अलावा 2016 में जब पार्टी आलाकमान ने येदुयरप्पा को कर्नाटक भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया था तो संतोष ने पार्टी आलाकमान को अध्यक्ष पद के लिए सी.टी. रवि और ईश्वरप्पा का नाम सुझाया था।
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कुछ समय पूर्व रामलाल ने अमित शाह को पत्र लिखकर कहा था कि राष्ट्रीय महामंत्री/संगठन महासचिव का दायित्व किन्हीं अन्य उपयुक्त कार्यकर्ता को सौंप दें। रामलाल ने लिखा था कि, ‘अब चुनाव संपन्न हो चुके हैं और सभी के परिश्रम से पार्टी को अच्छी जीत भी मिल चुकी है। लिहाजा अब मुझे इस दायित्व से मुक्त कर दिया जाए। यह परिवर्तन का उपयुक्त समय भी है।’
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वर्ष 2005 में भाजपा के संगठन महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे संजय जोशी की सेक्स सीडी सामने आने के बाद उन्हें भाजपा से निकाल दिया गया था। उसके बाद 2006 की शुरुआत से रामलाल संगठन महासचिव का काम देख रहे थे।रामलाल को भाजपा के संगठनात्मक ढांचों में बदलाव का बड़ा सूत्रधार माना जाता है। रामलाल मौजूदा दौर में भाजपा के प्रमुख प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं।
भारतीय जनता पार्टी में केंद्र में संगठन महासचिव और प्रदेश में संगठन मंत्री का चुनाव आरएसएस करता है। संघ द्वारा चुने गए ये पदाधिकारी पार्टी संगठन, भाजपा और आरएसएस के बीच समन्वय का काम देखते हैं। भारतीय जनता पार्टी में अध्यक्ष के पद के बाद संगठन महासचिव का पद सबसे महत्वपूर्ण होता है।