business

अशोक सिंह मुंबई . जब जीना अब कोविड-19 के साथ ही है, तो व्यापार भी अब इसके साथ ही करना होगा। व्यापार करने का तरीका थोड़ा बदल सकता है, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर जोर होगा। इन बदलते समीकरणों का व्यापारिक दुनिया पर क्या और कैसा असर पड़ेगा यह तो समय ही बताएगा। लेकिन एक बात …

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर अब तक के उच्चतम स्तर पर है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 29 मई को समाप्त हुए सप्ताह में मुख्य मुद्रा संपत्तियों की अच्छी अभिवृद्धि के चलते 3.43 अरब डॉलर की बढ़त के साथ 493.48 अरब डॉलर के नए उच्चतम स्तर पर आ गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है।

कोविड-19 महामारी के संक्रमण की वजह से घोषित लॉकडाउन के बीच वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने पर लगी रोक शर्तों  के साथ हटा ली गई है। केंद्र सरकार ने रविवार को जानकारी दी कि मोटर व्हीकल संबंधित डॉक्युमेंट्स की डेडलाइन को बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया है।

कोरोना वायरस ने रिटेल बिजनेस के ट्रेंड पर प्रभाव डाला है। अब लोग ‘मिनिमलिस्ट’ यानी न्यूनतम आवश्यकताओं वाला जीवन जीना पसंद करेंगे। फास्ट फैशन और आवेग में आ कर की गई खरीदारी की बजाय बेहतर क्वालिटी को तरजीह दी जाएगी।

राज्य सरकार ने शराब की अवैध हो रही बिक्री के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया। इस दौरान अवैध मदिरा के कारोबार में संलिप्त 970 व्यक्तियों को जेल भेजा गया तथा 67 वाहन भी जब्त किये गये है।

नवीन फल एवं सब्जी मंडी सीतापुर रोड पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंडी प्रशासन ने इसे तीन चरणों में चलाने का फैसला किया है। गुरुवार से नए समय और तय स्थान से बिक्री की जाएगी।

अपना घर होना आम लोगों के लिए सपने जैसा है। कई सालों में घर की कीमतें आसमान छू रही हैं इसलिए लोग बड़े शहरों में घर नहीं खरीद पाते हैं।इतना अधिक मांग के बाद भी बड़े शहरों में घर की कीमतें आसमान छूती है जो आम दमी के बस की बात नहीं है। लेकिन जो इतने साल में नहीं हो पाया वो अब लॉकडाउन के कारण  हो गया है। अ

किसी भी कंपनी में काम करने वाली कर्मचारी की सैलरी कई हिस्सों में बंटी होती है जैसे बेसिक सैलरी, ट्रैवल अलाउंस, स्पेशल अलाउंस वगैरह। पीएफ  में हर महीने कर्मचारी की बेसिक सैलरी से 12% पैसा काटकर पीएफ के खाते में डाल दिया जाता है।

कोरोना संकट के कारण करोड़ों लोग लॉकडाउन में हैं। कल-कारखाने बंद पड़े हैं। अर्थव्यवस्था चौपट हुई जा रही है। लेकिन इस संकट और जबर्दस्त बंदी के बावजूद लोगों को खाना और दवाइयां तो चाहिए ही।

कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से लगभग पूरी दुनिया में लॉकडाउन (पूर्ण बंदी) जैसी स्थिति पैदा हो गई है। इस महामारी ने अब तक 13 हजार से भी ज्यादा जाने ले ली हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस वायरस की वजह से उनके कारोबार का नुकसान हो रहा है जिससे उन्हें दर्द महसूस हो रहा है।