mango

दिल्ली में कोरोना का प्रकोप बढ़ने के कारण आजादपुर फल एवं सब्जी मंडी में काम प्रभावित हो गया है। फल आढ़ती शुजाअत बताते हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान दिल्ली की मंडी में फल लेकर जाते हैं लेकिन वहां माल की बेकद्री हो रही है।

इन दोनों किस्मों को भारत के विभिन्न जलवाऊ में लगाने के बाद यह पाया गया कि इनको अधिकतर स्थानों पर सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है। हर साल फल देने के कारण पौधों का आकार छोटा है और अरूणिका का आकार तो आम्रपाली जैसी बौनी किस्म से 40 प्रतिशत कम है।

लोग बिजनेस करते हैं तो सोचते हैं कि कम खर्च में अधिक मुनाफा हो,लेकिन दुबई की एक सुपरमार्केट  जो कर रही है उसे जानकर हैरान रह जाएंगे। यहां की एक सुपरमार्केट अपने ग्राहकों के दरवाजे पर एक हरे रंग की लेम्बोर्गिनी से आम पहुंचा रही है

मैंगो बाबा मोबाइल ऐप को केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ के डायरेक्टर डॉ राजन द्वारा कार्बाईड मुक्त आमों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने के उद्देश्य लांच किया गया |

यूपी के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि उत्तर प्रदेश के आम की प्रमुख प्रजातियों का जीआई पंजीकरण करा कर अन्य प्रदेशों में इन प्रजातियों के आम को प्रोत्साहित किए जाए।

फलों को खाने के बजाय आम का स्वाद लेने के लिए लोग इसे मिल्कशेक और दूसरे व्यंजनों में मिलाकर प्रयोग में लाते हैं धीरे-धीरे समय के साथ सफेदा आम भी गुणवत्ता वाला हो जाता है|

कोरोना वायरस का कहर इस साल देश-विदेश में प्रख्यात दशहरी आम पर भी पड़ने कीसंभावना है। आम उत्पादकों को लॉकडाउन के चलते लागू बंदिशों की वजह से फसल केबरबाद होने की आशंका सता रही है।

कोरोना के संकट से जूझ रहे प्रदेश के लोगों को इस बार आम भी खाने को नहीं मिलेंगे। क्योंकि इस बार आम की फसल कम है और फसल पर ध्यान न देने के कारण आम की पैदावार भी काम होने की पूरो आशंका है।

फलों का राजा आम ज्यादातर लोगों की पसंद होता है। विटामिन ए, कॉपर, आयरन और पोटैशियम से भरपूर आम सभी के लिए फायदेमंद हो ऐसा जरूरी नहीं है। आम के विषय में सोचकर सिर्फ उसके मीठे रसीले स्वाद के बारे में सोचते हैं लेकिन हर चीज के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं।

गर्मियों में शायद ही कोई हो जो आम न खाता हो। इन सीजन में खाने के साथ अगर आम न मिले तो खाने का मजा ही नहीं आता। ये टेस्‍टी होने के साथ- साथ हेल्‍दी भी बहुत होता है।