अगर पुराने आधार पर बदले शहरों का नाम-तो जानें क्या होगा आपके शहर का नाम!

शिवाकांत शुक्ल 

लखनऊ: मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने के प्रस्ताव को अनुमति दे दी गई ​है। इसी कड़ी में प्रदेश भर में नाम बदलने का चर्चा जोरों-शोरों से चलने लगा। कुछ लोग इसका समर्थन कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग हैं जो इसका विरोध भी कर रहे हैं। इसमें राजनीति पार्टियां भी शामिल हैं।

हालांकि सिर्फ योगी सरकार ही नहीं बल्कि इसके पूर्व की सरकारें भी नाम बदलने का कार्य कर चुकी हैं। नाम के साथ साथ सभी सरकारों ने विशेष रंगों पर भी ध्यान दिया है। जैसे सपा ने लाल हरा तो बसपा ने नीला और भाजपा ने भगवा।

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आज आपको newstrack.com बताने जा रहा है कि यूपी के इन जिलों और अन्य इन शहरों के नाम पुराने आधार पर रखा जाये तो आपके श​हर का क्या नाम होगा।

उत्तर प्रदेश का पुराना नाम– यूनाइटेड प्रोविंस !             –                   दिल्ली का पुराना नाम– इन्द्रप्रस्थ !
कानपुर का पुराना नाम– कान्हापुर !                            –                     हैदराबाद का पुराना नाम– भाग्यनगर !
फैजाबाद का पुराना नाम– अयोध्या!                             –                   औरंगाबाद का पुराना नाम– संभाजी नगर !
इलाहाबाद का पुराना नाम– प्रयाग !                            –                     भोपाल का पुराना नाम– भोजपाल !
लखनऊ का पुराना नाम– लक्ष्मणपूरी !                        –                    अहमदाबाद का पुराना नाम– कर्णावती !
अलीगढ़ का पुराना नाम– हरीगढ़ !                              –                     पोरबंदर का पुराना नाम– सुदामा पुरी !
मिराज का पुराना नाम– शिवप्रदेश !                          –                       पटना का पुराना नाम– पाटली पुत्र !
मुजफ्फरनगर का पुराना नाम– लक्ष्मीनगर !              –                     नांदेड का पुराना नाम– नंदीग्राम !
शामली का पुराना नाम– श्यामली !                       –                           उज्जैन का पुराना नाम– अवंतिका !
रोहतक का पुराना नाम– रोहितास पुर !                 –                           अजमेर का पुराना नाम– अजय मेरु !
आजमगढ का पुराना नाम– आर्य गढ !                     –                       बिशाखापट्टनम का पुराना नाम– विजात्रापश्म !
जमशेदपुर का पुराना नाम– काली माटी !                 –                       गुवाहटी का पुराना नाम– गौहाटी !
सुल्तानगँज का पुराना नाम– चम्पानगरी !               –                       इंदौर का पुराना नाम– इंदुर !
बुरहानपुर का पुराना नाम– ब्रह्मपुर !                       –                       सोनीपत का पुराना नाम– स्वर्ण प्रस्थ !
नशरुलागंज का पुराना नाम– भीरुंदा !                      –                       पानीपत का पुराना नाम– पर्ण प्रस्थ !
बागपत का पुराना नाम– बाग प्रस्थ !                          –                    ओसामानाबाद का पुराना नाम– धारा शिव !
देवरिया का पुराना नाम– देवपुरी !                             –                      मुरैना का पुराना नाम– मयुरवन
सुल्तानपुर का पुराना नाम– कुशभवनपुर !
लखीमपुर का पुराना नाम– लक्ष्मीपुर !

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अखिलेश की सरकार ने बदले इन शहरों के नाम

बता दें कि वैसे तो प्रदेश में आई सभी सरकारों ने नाम बदलने का काम किया है। पूर्व में अखिलेश की सरकार ने छत्रपतिशाहूजी महाराज नगर (अमेठी) जिले का नाम बदलकर गौरीगंज कर दिया है, जबकि रमाबाई नगर जिले का नाम बदल कर कानपुर देहात का पुराना नाम दे दिया गया था।

भीमनगर, प्रबुद्धनगर और पंचशीलनगर जिले अब क्रमश: बहजोई, शामली और हापुड़ के नाम से जाने जाएंगे, जो कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाने पहचाने नाम है। इसी प्रकार कांशीराम नगर, महामायानगर और जेपीनगर का नाम बदल कर कासगंज, हाथरस और अमरोहा कर दिया गया था।

मायावती ने भी बदले थे इन शहरोें के नाम

जबकि इससे पहले मायावती ने भी अमेठी को छत्रपति शाहूजी महाराज, कानपुर देहात को रामबाई और हाथरस को मायामाया नगर बनाया, आगरा विश्वविद्यालय को भीमराव अंबेडकर और, आगरा स्टेडियम को ऐकलव्य नाम दिया। इसके अलावा भी उन्होंने न जाने कितने बदलाव किए थे। मायावती की दिली इच्छा तो ताजनगरी यानी आगरा को भीमनगरी बनाने की थी, हालांकि विरोध के चलते वो इस पर अमल नहीं कर सकी थी।