एग्जिट पोल: सबके अपने-अपने राग, विपक्षी दलों को साजिश की आशंका

पूर्वांचल, पश्चिमांचल, बुंदेलखण्ड और प्रदेश के अन्य कुछ हिस्सों से प्राप्त रखरों के मुताबिक विपक्षी दलों का आरोप है कि एग्जिट पोल पूरी तरह ‘मैनेज’ हैं और यह आगामी 23 मई को मतों की गिनती करने जा रहे कर्मियों पर गड़बड़ी के लिये दबाव बनाने और जनता की आंखों में धूल झोंकने का हथकंडा है।

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लखनऊ: लोकसभा चुनाव को लेकर रविवार को जारी एग्जिट पोल पर सत्तापक्ष उत्साहित है किन्तु विपक्षी दलों ने इसके पीछे गहरी साजिश की आशंका जाहिर की है।

पूर्वांचल, पश्चिमांचल, बुंदेलखण्ड और प्रदेश के अन्य कुछ हिस्सों से प्राप्त रखरों के मुताबिक विपक्षी दलों का आरोप है कि एग्जिट पोल पूरी तरह ‘मैनेज’ हैं और यह आगामी 23 मई को मतों की गिनती करने जा रहे कर्मियों पर गड़बड़ी के लिये दबाव बनाने और जनता की आंखों में धूल झोंकने का हथकंडा है।

जालौन के सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि मतगणना में अधिकारियों और कर्मचारियों पर गड़बड़ी करने के लिये मानसिक दबाव बनाने के मकसद से झूठा एग्जिट पोल दिखाया गया है।

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वहीं, इसी जिले के बसपा प्रमुख हीरालाल चौधरी का कहना है कि ईवीएम में गड़बड़ी को छुपाने के लिये भाजपा ने मीडिया को दबाव में लेकर गलत एग्जिट पोल प्रसारित करवाया है।

कांग्रेस के जिला प्रमुख श्यामसुंदर चौधरी का मानना है कि चूंकि केन्द्र और प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है, वह चाहे जो भी अफसरों पर दबाव बना सकते हैं। एग्जिट पोल गलत हैं।

हालांकि भाजपा की जिला इकाई प्रमुख नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रवाद और किसानों के लिये काम किया है, इसलिये जनता ने हमें वोट दिया है। विपक्षी दलों के आरोप निराधार हैं।

उधर, रुहेलखण्ड के विभिन्न जिलों में भी गैर भाजपा दलों ने एग्जिट पोल को सिरे से नकारते हुए कहा है कि 23 मई को सचाई सामने आ जाएगी।

बरेली लोकसभा क्षेत्र से सपा—बसपा गठबंधन प्रत्याशी भगवत शरण गंगवार के पोलिंग एजेंट शेर सिंह का कहना है कि एग्जिट पोल पूरी तरह मैनेज किए गए हैं। नरेंद्र मोदी अपनी चुनावी सभा में भाजपा के पक्ष में जो आंकड़े बता रहे थे वहीं एग्जिट पोल में आ रहे हैं। उससे साफ जाहिर है कि पूर्व में बनाए गए आंकड़े आम जनता के सामने पेश किए जा रहे हैं।

आंवला लोकसभा क्षेत्र की गठबंधन प्रत्याशी बसपा की रुचि वीरा के सहायक मतदान अभिकर्ता बी आर सागर का कहना है कि एग्जिट पोल पूरी तरह अविश्वसनीय है। आगामी 23 मई को नतीजे भाजपा को चौंका देंगे। महागठबंधन के उम्मीदवारों को बहुत नीचे दिखाना एक साजिश है।

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शाहजहांपुर के कांग्रेस के उम्मीदवार ब्रह्म स्वरूप सागर एग्जिट पोल को कपोल कल्पित सर्वे बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि 23 तारीख को यह तथाकथित एग्जिट पोल की हवा निकल जाएगी।

पीलीभीत के बाद गठबंधन के प्रत्याशी समाजवादी पार्टी के हेमराज वर्मा का कहना है कि एग्जिट पोल पर विश्वास करना बेवकूफी है। जब 23 को नतीजे आएंगे तो उत्तर प्रदेश में महागठबंधन सर्वाधिक सीटें लाएगा।

पूर्वांचल की गाजीपुर सीट से महागठबंधन प्रत्याशी अफजाल अंसारी एक्जिट पोल को झुठलाते हुए कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में महागठबंधन के पक्ष में गुप्त लहर चली है। वह दावा करते हैं कि सपा व बसपा महागठबंधन पूर्वी उत्तर प्रदेश की 30 सीट में कम से कम 25 सीट जीतेगी।

उधर, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव अरविंद राजभर एक्जिट पोल को सत्य से परे करार देते हुए कहते हैं कि लोकसभा और विधानसभा के पिछले चुनाव में सपा और बसपा को मिले मत को जोड़ लिया जाये तो भाजपा उत्तर प्रदेश की अधिकतर सीट पर महागठबंधन से पिछड़ जायेगी।

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वह कहते हैं कि मीडिया संस्थानों में भाजपा को बढ़त देने की होड़ सी है, जबकि उनके आकलन के अनुसार भाजपा बहुमत से दूर रहेगी।

बुंदेलखण्ड के झांसी में भी राजनीतिक नेताओं के अपने—अपने दावे और आशंकाएं हैं।

झांसी बसपा के जिला प्रमुख रामबाबू का कहना है कि एग्जिट पोल पर हमें कभी भी विश्वास नहीं रहा और हम गठबंधन के लोग तो अपने काम पर विश्वास रखते हैं। सपा बसपा के गठबंधन की 60 से 70 सीटें आ रही हैं।

समाजवादी पार्टी के झांसी जिला सचिव अबरार अली ने सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि जब देश का किसान, मजदूर, दुकानदार, मध्यम और गरीब वर्ग सभी परेशान हैं तब आखिर भाजपा की दोबारा सरकार कैसे बन सकती है। लोकसभा चुनाव परिणामों का पूर्वानुमान पूरी तरह से संदेह के घेरे मैं है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व विधायक बृजेंद्र व्यास का कहना है कि एग्जिट पोल के नतीजे पूरी तरह से प्रायोजित है, ऐसा भ्रामक प्रचार फैलाने के पीछे सत्ता दल की मंशा ईवीएम में गड़बड़ी पैदा करने की है ताकि देशवासियों को पहले से ही मानसिक रूप से तैयार किया जा सके।

भाजपा के झांसी में सदर विधायक रवि शर्मा एग्जिट पोल में दिखाई जा रही भाजपा की जीत से उत्साहित है और उनका कहना है कि यह तो होना ही था। देश की जनता एक बार फिर मोदी सरकार को बहुमत देने जा रही है।

कुल मिलाकर लोकसभा चुनाव परिणामों को लेकर किए गए सभी पूर्वानुमान जहां एक और भाजपा नेताओं को उत्साहित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कोई भी विपक्षी दल इन एग्जिट पोल के अनुमानों पर बिल्कुल विश्वास नहीं कर रहे।

 

(भाषा)