अगर इस नेता से कांग्रेस-NCP मिला लेतीं हाथ, तो महाराष्ट्र में हार जाती BJP

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके हैं। बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को जीत मिली है। दोनों पार्टियों को 161 सीटें मिली हैं, तो वहीं कांग्रेस-एनसीपी 98 सीटों पर जीत दर्ज की है।

नई दिल्ली: महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके हैं। बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को जीत मिली है। दोनों पार्टियों को 161 सीटें मिली हैं, तो वहीं कांग्रेस-एनसीपी 98 सीटों पर जीत दर्ज की है।

2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने 185 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार गठबंधन को 24 सीटों का नुकसान हुआ है।

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इस बार चुनाव में कांग्रेस, एनसीपी के अलावा नई आई प्रकाश आंबेडकर की पार्टी वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) ने भी कड़ी टक्कर दी। हालांकि प्रकाश आंबेडकर की पार्टी ने एक भी सीट नहीं पाई। जानकारों का कहना है कि वंचित बहुजन अघाड़ी ने बीजेपी के वोटों में सेंध लगाई है।

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चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि वीबीए-कांग्रेस-एनसीपी एक साथ मिलकर चुनाव लड़ी होतीं, तो महाराष्ट्र में भी हरियाणा की तरह किसी को बहुमत नहीं मिलता और त्रिशंकु विधानसभा बन जाती।

प्रकाश आंबेडकर

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नतीजे आने के बाद बीजेपी की जीती सीटों पर कांग्रेस-एनसीपी और वीबीए को मिले वोट प्रतिशत को जोड़कर देखने से पता चलता है कि दो दर्जन ज्यादा ऐसी सीटे हैं जहां इन तीनों पार्टियों को गठबंधन जीत जाता। इसके साथ ही बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को हार का सामना करना पड़ता।

कांग्रेस-एनसीपी-वीबीए को बहुमत तो नहीं मिलता, लेकिन ये पार्टियां करीब-करीब 136 सीटें जीत लेतीं, बीजेपी-शिवसेना का गठबंधन 129 पर रह जाता। इसके बाद सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी के पास बहुमत नहीं होता।