आजम के समर्थन में उतरी सपा, इस तारीख को तहसील स्तर पर देगी धरना

Published by Aditya Mishra Published: September 8, 2019 | 8:11 pm
Modified: September 8, 2019 | 8:12 pm
अखिलेश यादव की फ़ाइल फोटो

अखिलेश यादव की फ़ाइल फोटो

लखनऊ: समाजवादी पार्टी आगामी पहली अक्टूबर को तहसील स्तर पर जौहर विश्वविद्यालय और पूर्व मंत्री व सांसद मोहम्मद आजम खां के खिलाफ बदले की कार्यवाही, बढ़ती मंहगाई, भ्रष्टाचार, किसानों की बदहाली, ध्वस्त कानून व्यवस्था, बेरोजगारी आदि 11-सूत्री मांगो को लेकर विशाल धरना देगी।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को यहां कहा कि सपा जनता के हितों के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं करने वाली है।

पहली अक्टूबर को राज्य की प्रत्येक तहसील पर शांतिपूर्ण ढंग से भारी तादाद में जनभागीदारी के साथ धरना देकर भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों का भी पर्दाफाश किया जाएगा।

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जनसमस्याओं को संज्ञान में नहीं लेती भाजपा सरकार

अखिलेश यादव ने कहा कि सपा ने बीती 9 अगस्त को प्रदेश की जनसमस्याओं को लेकर जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण धरना दिया था लेकिन सरकार के कान पर जूं नहीं रेंगी।

समस्याओं के समाधान के बजाय पहली सितम्बर से बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी कर दी गई, ट्रैफिक सुधार के नाम पर भारी जुर्माना लगा दिया गया।

भाजपा सरकार बदले की भावना से सांसद आजम खां के खिलाफ कार्यवाही कर रही है। जौहर विश्वविद्यालय को नेस्तनाबूद करने की साजिशें हो रही है। ऐसी स्थिति में 11 सूत्री मांगो को लेकर धरना के माध्यम से गूंगी-बहरी भाजपा सरकार को जगाने का काम किया जायेगा।

सपा मुखिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी में भाजपा किसानों, नौजवानों, गरीबों से जो-जो वादे करके आई थी उसने एक भी वादा पूरा नहीं किया, बल्कि जनता को गुमराह ही किया है।

भाजपा राज में किसान बदहाल है, कर्जदार आत्महत्या कर रहा है। नौजवान बेरोजगारी का शिकार है। उद्योग धंधे बंद होने से कर्मचारियों की छंटनी हो रही है।

प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त है। फर्जी एनकाउण्टर हो रहे हैं। निर्दोष लोगों का उत्पीड़न हो रहा है। सपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमें लगाए जा रहे हैं।

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भाजपा राज में मंहगाई चरम पर है: अखिलेश

अखिलेश ने कहा कि भाजपा राज में मंहगाई चरम पर है। डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस सभी के दाम बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीण कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को अब पहले से 15 फीसद अधिक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ेगा।

यातायात को नियमित-नियंत्रित करने के नाम पर वाहन की कीमत से ज्यादा जुर्माना वसूला जाने लगा है। अवस्थापना सुविधाओं का अभाव है। विकास कार्य ठप्प हैं।

सपा सरकार के कार्यों पर ही भाजपा सरकार अपने नाम के ठप्पे लगा रही है। साथ ही भाजपा के दावों के विपरीत भ्रष्टाचार पर कोई रोक नहीं है, बिना रिश्वत काम नहीं हो रहे हैं।

महिलाओं, बच्चियों के साथ छेड़खानी, अपहरण हत्या और दुष्कर्म की घटनाएं अब आए दिन की बातें हो गई हैं। अल्पसंख्यकों की स्थिति दयनीय है।

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