लखनऊ एसएसपी दीपक कुमार ने दिए न्यूज़ ट्रैक के सवालों के जवाब, कुछ सीधे तो कुछ गोल

लखनऊ :  लखनऊ के नए एसएसपी दीपक कुमार से newstrack.com के लिए खास बातचीत की दुर्गेश उपाध्याय ने। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय जाहिर की, तो कुछ का जवाब गोलमोल दिया।

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आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं ?

उत्तर – धन्यवाद, देखिए जैसा कि आपने बताया कि लखनऊ प्रदेश की राजधानी है, दिल है उत्तर प्रदेश का। मेरे ख्याल से इस शहर की प्राथमिकताएं हैं वो भी अलग हैं।  लखनऊ में हमारी समझ में जो दो सबसे बड़ी समस्याएं निकलकर कर आई हैं, वो ट्रैफिक की समस्या है। ट्रैफिक से लखनऊ के लोग काफी परेशान हैं।  दूसरी समस्या अतिक्रमण की हैं, और तीसरी समस्या है क्राइम अगेंस्ट वूमेन। पार्कों में या जो नई नई जगहें हैं, वहां महिलाओं को लेकर जो क्राइम हो रहे हैं।

इन समस्याओं को हम कम्यूनिटी पुलिसिंग की मदद से  सुलझाने का प्रयास करेंगे। मेरे द्वारा पुराने शहर में पैदल गश्त की गई है, और शहर के व्यापार मंडल के सदस्यों से बात हुई है। इसके लिए मीडिया की भी मदद ली जाएगी, और लखनऊ जो कि अवध की शान है उसे हिंदुस्तान की शान बनाया जाएगा।

अक्सर पुलिसकर्मियों द्वारा भी ड्यूटी पर लापरवाही की कई शिकायतें आती रहती हैं, इस दिशा में क्या कदम उठा रहे हैं ?

उत्तर – जैसा कि आप जानते हैं, कि पुलिसिंग के दृष्टिकोण से लखनऊ पांच भागों मे बंटा हुआ है। मैंने  सारे थानाध्यक्षों, एएसपी और सीओ से अलग अलग बात की है। कहा है, कि वो अपने काम के प्रति जवाबदेह बनें। जनता के साथ सदव्यवहार रखें, कोई गलत काम करे तो जरुर कार्रवाई करें। लेकिन अनावश्यक किसी से कोई गलत व्यवहार न करें। क्यों कि केवल गलत व्यवहार की वजह से पुलिस की छवि खराब होती है। पुलिस की छवि सुधरे ऐसा हमारा प्रयास होगा।

 

एंटी रोमियो स्क्वैड में अक्सर पुलिसकर्मियों की भी आए दिन शिकायतें आती रहती हैं तो इस समस्या से कैसे निपटेंगे ?

 

उत्तर – देखिए एंटी रोमियो स्क्वैड का गठन शासन के संकल्प पत्र के आधार पर किया गया है, और बेहद सकारात्मक तौर पर किया गया है।  इसका उद्देश्य कत्तई ये नहीं है, कि किसी को नाहक जेल भेजा जाए और उसको प्रताड़ित किया जाए। इसका उद्देश्य ये है कि सड़कों पर जो नई उम्र के लड़के या कोई अन्य व्यक्ति भी, जो गलत तरीके से गाड़ियां चलाते हैं। अलग अलग तरह की आवाजें निकालते हैं, महिलाओं पर फब्ती कसते हैं उनको थाने पर लाया जाए।

उनको समझाया जाए कि भाई ये आप गलत कर रहे हैं। फिर भी अगर ये गलती करते हैं तब उन्हें जेल भेजा जाए। लेकिन हमने अपने पुलिसकर्मियो को ये स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि किसी भी कपल को, युवा दोस्तों को या ग्रुप को नाहक ही परेशान न किया जाए।

सीयूजी नंबर पर संबंधित  पुलिस के अधिकारियों के जवाब न देने की भी कई शिकायतें आईं हैं, इसके मद्देनजर आप क्या कदम उठा रहे हैं ?

 

उत्तर –  देखिए हमारे जो भी अधिकारी हैं, हम सबलोग एक दूसरे से सीयूजी नंबर पर ही ज्यादातर संपर्क में रहते हैं। आप देख सकते हैं, कि मेरे सीयूजी नंबर पर लगभग चालीस हजार मैसेज पिछले पांच दिनों में आ चुके हैं। अब क्या ये किसी के लिए संभव है कि वो इतने मैसेज देख ले और सबका जवाब दे पाए। इसलिए मेरा स्पष्ट रुप से ये मानना रहता है, कि कोई भी समस्या आए तो उस समस्या का निदान होना जरुरी है।

जहां तक संभव हो सीयूजी नंबर खुद उठाए। लेकिन अगर मीटिंग में हैं, या फिर किसी ला एंड आर्डर की समस्या को सुलझाने में लगा हो, तो अपने नंबर को किसी ऐसे नंबर पर डायवर्ट करके रखे जो उसका सबआर्डिनेट उठाए और उस पर कार्रवाई करे। मुख्य उद्देश्य है, कि जनता की जो समस्या है उस पर उचित समय पर कार्रवाई की जा सके।

 

 

गायत्री प्रजाप्रति मामले में जांच अभी कहां तक पहुंची है ?

उत्तर – गायत्री प्रजापति का केस काफी संवेदनशील है। जिसमें उन पर एक महिला ने आरोप लगाया और उस मामले मे आदरणीय कोर्ट द्वारा उनकी जमानत को रद्द/स्थगित

कर दिया गया है। इस संबंध में पुलिस पर भी कुछ आरोप लगे थे। मैंने इस मामले के लिए एक एसआईटी का गठन कर दिया है। सीओ चौक के नेतृत्व में चार सब इंसपेक्टर, एक पीओ को भी  हमने अटैच किया है और जांच जारी है।