जब गुरुद्वारे में गूंजी अजान और हिन्दू-मुस्लिम ने एक साथ किया इफ्तार

Published by Published: July 1, 2016 | 11:30 am
Modified: August 10, 2016 | 2:30 am

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mahant divya giri

लखनऊः भारत को अलग-अलग परंपराओं और धर्मों से जुड़ा देश कहा जाता है,  इसी देश में गंगा जमुनी तहजीब की एक ऐसी विरासत रही है, जिसने सदियों से देश के लोगों को एक दूसरे से जोड़ रखा है। इसी कड़ी को आगे बढ़ते हुए लखनऊ ने भी एक मिसाल पेश की है।

यहियागंज गुरुद्वारे में जब सिख समाज के गुरुद्वारे में अजान की सदाएं गूंजी और पूरी शिद्दत से मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज पढ़ी तो वहां मौजूद लोग इस लम्हे हो हमेशा हमेशा के लिए अपनी नजरों में कैद करना चाहते थे। ऐसा हो भी क्यूं न लखनऊ इतिहास में पहली बार किसी गुरुद्वारे में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था।

रोजा इफ्तार पार्टी में महंत देव्या गिरी, शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे सादिक,  महंत कुरुसत्र गिरी  और यहियागंज गुरुद्वारे के प्रमुख सेवादार डॉ गुरमीत सिंह मौजूद थे। इस मौके पर बड़ी तादात में सिख समाज के लोगों के साथ हिंदू समाज के लोग भी गुरुद्वारे में मौजूद रहे।

नीचे की स्लाइड्स में देंखे और भी फोटोज…

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