मोदी के मंत्रिमंडल से मेनका गांधी, महेश शर्मा समेत इन बड़े नेताओं की हुई छुट्टी

तीन महीने की चुनावी प्रक्रिया खत्म होने के बाद सरकार का गठन हो गया है और मोदी लहर एक बार फिर से देश में आ गई है। गुरुवार को नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली, उनके समेत कुल 58 मंत्रियों ने शपथ ली।

नई दिल्ली: तीन महीने की चुनावी प्रक्रिया खत्म होने के बाद सरकार का गठन हो गया है और मोदी लहर एक बार फिर से देश में आ गई है। गुरुवार को नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली, उनके समेत कुल 58 मंत्रियों ने शपथ ली। लेकिन इस बार कई ऐसे बड़े चेहरे हैं, जिन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है, जो पिछली सरकार में मंत्री थे।

आइए जानते हैं जो पिछली सरकार में मंत्री थे लेकिन इस बार उनकी मंत्री पद से छुट्टी कर दी गई।

सुषमा स्वराज
2014 में जब केंद्र में बीजेपी की अगुवाई में एनडीए की सरकार बनी तो सुषमा स्वराज को विदेश मंत्री के तौर पर कार्यभर संभाला था। सुषमा ने पिछले 5 सालों में शानदार तरीके से काम किया। लोग सीधे ट्विटर पर सुषमा से मदद मांगते थे और विदेश मंत्री मदद के लिए हाजिर रहती थीं। लेकिन इस सरकार में सुषमा शामिल नहीं हुईं। हालांकि उन्होंने सेहत का हलावा देकर पहले चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था।

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अरुण जेटली
पिछली सरकार में अरुण जेटली वित्त मंत्री थे, लेकिन इस सरकार से वह शामिल नहीं हुए। अरुण जेटली ने खुद सेहत का हवाला देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर मंत्रीपद की जिम्मेदारी नहीं देने की अपील की थी।

महेश शर्मा
महेश शर्मा एक बार फिर उत्तर प्रदेश की गौतमबुद्धनगर सीट से चुनकर संसद पहुंचे हैं। पिछली सरकार में महेश शर्मा केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री थे, लेकिन इस बार इन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है।

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सुरेश प्रभु
पहले की मोदी सरकार में सुरेश प्रभु को पहले केंद्रीय रेलमंत्री बनाया गया था बाद में उन्हें वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री बनाया गया, हालांकि अब नई सरकार में सुरेश प्रभु को जगह नहीं दी गई है।

जे पी नड्डा
मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में नड्डा स्वास्थ्य मंत्री थे और इस बार उनका नाम भी मंत्रियों की सूची में शामिल नहीं था। हालांकि इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि वह अमित शाह के स्थान पर बीजेपी अध्यक्ष बन सकते हैं।

राज्यवर्धन सिंह राठौर
पहली सरकार में खेल व सूचना और प्रसारण मंत्री थे, लेकिन इस बार मंत्रिपरिषद में शामिल नहीं किया गया है।

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मेनका गांधी
इस बार मेनका गांधी सुल्तानपुर लोकसभा सीट से जीतकर संसद पहुंची हैं। पहली सरकार में उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया गया था, लेकिन इस सरकार में मेनका गांधी को जगह नहीं मिली है।

जयंत सिन्हा
पिछले 5 साल में जयंत सिन्हा ने पहले केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और बाद में केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला था, लेकिन उन्हें भी इस बार मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। जयंत सिन्हा पूर्व बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा के बेटे हैं।

उमा भारती
बीजेपी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती को भी नई सरकार में जगह नहीं मिली है। पिछली सरकार में उमा भारती केंद्रीय मंत्री थीं। हालांकि उमा भारती ने भी लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था।

मनोज सिन्हा
पिछली सरकार में मनोज सिन्हा मंत्री थे और यूपी के गाजीपुर से सांसद थे। लेकिन इस बार मनोज सिन्हा चुनाव हार गए, लेकिन उम्मीद थी कि उन्हें हार के बावजूद मोदी सरकार में जगह मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वह मंत्री नहीं बने।

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रामकृपाल यादव
पाटलीपुत्र लोकसभा सीट पर लालू यादव की बेटी मीसा भारती को हराने वाले रामकृपाल यादव को इस बार मंत्री नहीं बनाया गया है। पिछली सरकार में रामकृपाल यादव केंद्रीय मंत्री थे।

अनंत कुमार हेगड़े
उत्तर कन्नड़ लोकसभा सीट पर जीत हासिल करने वाले अनंत कुमार हेगड़े को इस बार मंत्रीपद से नहीं मिला हैनहीं नवाजा गया है। अनंत कुमार हेगड़े मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री थे।

शिव प्रताप शुक्ल
शिव प्रताप शुक्ल की बीजेपी के बड़े नेताओं में गिनती होती है। पिछली सरकार में शिव प्रताप शुक्ल केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री थे, लेकिन इस बार इन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है।