ये हैं लखनऊ की 5 ऐसी जगहें जहां आज भी है भूतों का डेरा

ये हैं लखनऊ की 5 ऐसी जगहें जहां आज भी है भूतों का डेरा

ये हैं लखनऊ की 5 ऐसी जगहें जहां आज भी है भूतों का डेरा

लखनऊ: विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है कि आज के ज़माने में भूत प्रेतों को कोई नहीं मानता, लेकिन कुछ हैं जो आज भी इस बात को मानते हैं। भूत प्रेत एक ऐसी चीज़ है जो किसी के न होते हुए भी उसके होने का एहसास दिलाता हैं।

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कहा जाता है कि उनकी भी अपनी एक दुनिया होती हैं, जिससे वो निकल कर हम मनुष्यों की दुनिया में आ जाते हैं। इस बात में कितनी सच्चाई है, इसका अंदाज़ा हममें से कोई नहीं लगा सकता है। लेकिन ये हक़ीकत हैं कि उनका भी अपना बसेरा होता हैं।

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दुन‌िया के हर शहर और गांव में कुछ ऐसे स्थान हैं जिसको लेकर लोंगों के मन में डर बना रहता हैं तो आज हम इन ही चीज़ों के रहस्य की पड़ताल करते हुए आपको नवाबों के शहर लखनऊ की उन प्रेतवाधित जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आप गए तो होंगे मगर वहां के इस रहस्य के बारें में शायद ही जानतें होंगे।

बलरामपुर अस्पताल

लखनऊ का बलरामपुर अस्पताल चुनिन्दा अस्पतालों में से एक माना जाता हैं, जहां पर कभी भुतों का बसेरा हुआ करता था। ऐसी बातें सुनने में आती है क‌ि इस अस्पताल में भूत-प्रेत भी डॉक्टर बनकर मरीजों का उपचार क‌िया करते थे। इस संदर्भ में एक पुरानी कहानी भी है क‌ि एक महीला का ऑपरेशन होना था लेक‌िन उस समय अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।

च‌िक‌ित्‍सालय

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एक डॉक्टर को बुलाया गया और जब डॉक्टर मरीज के पास पहुंचे तो देखकर हैरान रह गए क‌ि महीला का ऑपरेशन हो चुका था। यह ऑपरेशन क‌िसने क‌िया यह क‌िसी को नहीं पता था। अक्सर इस अस्पताल में अजीबो- गरीब आवाजें भी सुनाई देती थी। लेकिन आपको बता दे, अस्पताल में अब इस तरह कोई भी बाते सुनने को नही मिलती हैं।

ओइल हाउस

लखनऊ का ओइल हाउस ज‌िसके बारे में कहानी है क‌ि वाज‌िद अली शाह पर जब अंग्रेजों ने आक्रमण क‌िया था।तब इसी भवन के एक कुएं में अंग्रेज सैन‌िकों को मारकर फेंका जाने लगा। इसके बाद से इस भवन में अंग्रेज सैन‌िकों की आत्माओं का कब्जा हो गया। ले‌क‌िन इस बात का पता उस समय चला जब लखनऊ व‌िश्वव‌‌‌िद्घलय के अध‌िकारी को यह भवन रहने के ल‌िए द‌िया गया। कुएं में मौजूद आत्माओं ने इनके बेटे को अपना श‌िकार बना ल‌िया। इसके बाद कुएं को बंद करवा द‌िया गया।

ओइल हाउस

रेलवे क्वार्टर

इसके बारे में एक अंग्रेज इंजीन‌ियर की कहानी मशहूर है। कहते हैं क‌ि इंजीन‌ियर की शादी एक खूबसूरत लड़की से हुई थी जो एक अंग्रेज अध‌िकारी से प्रेम कर बैठी। एक द‌िन इंजीन‌ियर ने अपनी पत्नी को उस अध‌िकारी के साथ आपत्त‌िजनक स्‍थ‌ित‌ि में देख ल‌िया और उसने क्रोध में आकर अध‌िकारी की हत्या कर दी और खुद भी आत्महत्या कर ल‌िया। जहां यह घटना हुई थी वह लखनऊ रेलवे क्वार्टर का स्‍थान माना जाता है। यहां आज भी कुछ लोगों को इंजीन‌ियर की आत्मा के होने का एहसास होता है।

रेलवे

बड़ा इमामबाड़ा

लखनऊ के बड़ा इमामबाड़ा की खूबसूरती के बारे में तो आप ने खूब सुना होगा। इसको देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं, लेकिन इसकी भी अपनी एक अनोखी कहानी हैं कहतें हैं,  इसमें एक बड़ा तहखाना है जहां अंग्रेजो के शासन काल में कैदियों को कैद करके रखा गया था और उन्हें खाने को भी नहीं दिया जाता था।  जिसकी वजह से आधे से ज्यादा कैदियों की मौत हो गई जिनकी आत्माएं आज भी भटकतीं हैं।

bara imambara

बेलीगारद यानी रेजीडेंसी पार्क

रेजीडेंसी पार्क का नाम तो अपने सुना ही होगा। कहा जाता हैं यहां वो कब्रिस्तान है, जिसमें 1857 की जंग में मारे गए अंग्रेजों को दफनाया गया था। सभी कब्रों पर एक-एक पत्थर लगा है और पत्थरों पर मरने वाले का नाम। जिसकी वजह से उनकी आत्माएं आज भी रात में भटकती हैं।

बेलीगारद यानी रेजीडेंसी पार्क के लिए इमेज परिणाम

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ये बात हैं 1971 की,  जब लखनऊ विश्वविद्यालय के लाल बहादुर शास्त्र हॉस्टल में पढ़ने वाले तीन दोस्तों के बीच शर्त लगी कि किसमें इतनी हिम्मत है, जो रेजीडेंसी के अंदर रात बिता सके। तो उनमें से एक दोस्त ने शर्त मान ली और वो शर्त के मुताबिक वहां चला गया फिर दुसरे दिन वो वापस नही आया तो उसके दोस्तों ने जाकर देखा तो उसकी लाश थी जो हार्ट अटैक के कारण भूतों के डर से हुई थी।

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