अनुप्रिया चाहती हैं आरक्षण की समीक्षा, कहा- लाभ मिलने का पता चले

Published by Published: August 6, 2016 | 11:54 pm
Modified: August 10, 2016 | 2:25 am

लखनऊः मोदी सरकार में राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने आरक्षण की समीक्षा की मांग की है। शनिवार को राजधानी में अंबेडकर महासभा में आरक्षण की प्रासंगिकता पर चर्चा के दौरान उन्होंने ये कहा। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनावों से पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी आरक्षण की समीक्षा को लेकर बयान दिया था। इसे लेकर उस वक्त काफी हंगामा मचा था।

अनुप्रिया ने क्या कहा?
-दलितों को 22.5 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था संविधान के तहत दिया गया है।
-समीक्षा होनी चाहिए कि सरकारी नौकरियों और शिक्षा में उन्हें इतना फीसदी प्रतिनिधित्व मिला या नहीं।
-अगर इतना प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो समीक्षा हो कि किन वजहों से ऐसा हुआ।
-पिछड़ों को 23 फीसदी आरक्षण का लाभ मिला या नहीं, इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए।

न्यायपालिका में आरक्षण को लेकर क्या बोलीं?
-आज न्यायपालिका में महज 3 फीसदी दलित और पिछड़ी जातियों के जज हैं।
-अदालतों में 97 फीसदी मुकदमे दलितों और पिछड़ी जातियों के ही होते हैं।
-हमें विचार करना चाहिए कि 3 फीसदी के ग्राफ को आगे कैसे बढ़ा सकते हैं।

मोदी के बारे में क्या बोलीं?
-अनुप्रिया पटेल ने पीएम नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की।
-अनुप्रिया ने कहा कि मोदी दलितों और पिछड़ों के बारे में सोचने वाले पुरोधा हैं।