चुनावी समर

बता दें कि इसके पहले भी टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी अखिलेश यादव और मायावती से मुलाकात की थी।

लोकसभा चुनाव समाप्त होने के बाद से ही ईवीएम विपक्ष के निशाने पर हैं। बंगाल से लेकर केरल कश्मीर से लेकर यूपी तक विपक्ष ईवीएम को लेकर अपनी आशंका जता रहा है। कार्यकर्ता स्ट्रांग रूम के बाहर जमे हैं। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। जिनमें एक मिनी ट्रक में ईवीएम लदी नजर आ रहीं हैं।

राजनीतिक खेमों में इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि एग्जिट पोल के नतीजों में राजग को फिर से सरकार बनाने की स्थिति में होने के बावजूद विपक्ष अभी अपनी हार स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।

गोरखपुर में बीजेपी कार्यकर्ता और नेता काफी खुश नजर आ रहे हैं, और उसको लेकर तरह तरह के जतन कर रहे हैं, आज गोरखपुर के गोलघर में प्राचीन काली मंदिर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने हवन पूजन कर माता काली से उनका आशीर्वाद लिया, और इस हवन में गठबंधन को स्वाहा भी किया।

मतगणना के पहले दो दलों के शीर्ष नेताओं की गोपनीय मुलाकात कुछ तो कहती है। आज यूपी की राजधानी लखनऊ में उस समय सियासी तापमान बढ़ने लगा जब सियासी गलियारों में ये खबर फैली कि बसपा सुप्रीमों मा

उन्होंने कहा, ‘‘देश के लोग एक बार फिर भाजपा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पांच साल में हमारे द्वारा किए गए काम को समर्थन दे रहे हैं। और एग्जिट पोल संकेत हैं।’’ गडकरी ने कहा कि भाजपा महाराष्ट्र में 2014 के लोकसभा चुनाव की तरह ही सीटें हासिल करेगी।

अधिकतर एक्जिट पोल ने अनुमान जताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक और कार्यकाल के लिए देश की कमान संभालेंगे। कुछ एक्जिट पोल के अनुमान के अनुसार भाजपा नीत राजग 300 से अधिक सीट जीतेगा।

लोकसभा चुनाव से पहले उप्र में सपा, बसपा और रालोद ने गठबंधन किया था। इन दलों ने गठबंधन के तहत सीटों का बंटवारा कर चुनाव लड़ा था । अखिलेश आज दोपहर बसपा प्रमुख के घर पहुंचे और दोनों नेताओं के बीच एक घंटे तक बात हुई ।

एग्जिट पोल में केंद्र में राजग की सरकार बनने के कयासों के बीच गठबंधन सहयोगी बसपा प्रमुख मायावती से सोमवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुलाकात की। लोकसभा चुनाव से पहले उप्र में सपा बसपा और रालोद ने गठबंधन कर लिया था।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एक्जिट पोल को “अटकलबाजी” करार देते हुए कहा कि उन्हें ऐसे सर्वेक्षणों पर भरोसा नहीं क्योंकि इस “रणनीति” का इस्तेमाल ईवीएम में “गड़बड़ी” करने के लिए किया जाता है।